विकास रैली: भव्यता, सुंदरता और बर्बादी का ऐतिहासिक पल

रैली स्थल पर तैयारियों का जायजा लेते सांसद धर्मेन्द्र यादव।
रैली स्थल पर तैयारियों का जायजा लेते सांसद धर्मेन्द्र यादव।

बदायूं में आयोजित होने वाली समाजवादी की विकास रैली में कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। समाजवादी पार्टी बदायूं से चुनावी समर का अपरोक्ष रूप से उद्घोष करने वाली है, जिससे समाजवादी पार्टी किसी तरह की कोई कसर बाकी नहीं रहने देना चाहती है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुज सांसद धर्मेन्द्र यादव स्वयं एक आम कार्यकर्ता की तरह जुट कर रैली की तैयारी करा रहे हैं, इससे उनका भी जमीनी स्तर पर कद और बढ़ेगा। भव्यता और सुंदरता में बर्बादी को भी ढकने का प्रयास किया जा रहा है। रैली को ऐतिहासिक बनाने की धुन में ऐतिहासिक तालाब का मुददा पूरी तरह दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 23 मई को दातागंज तिराहे के निकट रैली स्थल पर 71 परियोजनाओें का लोकार्पण तथा चार योजनाओें का शिलान्यास करेंगे। 310 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटाॅप, 500 पंजीकृत श्रमिकों को साइकिलें, 500 समाजवादी पेंशन योजना के नए लाभार्थियों को भी पेंशन देंगे, साथ ही कौशल विकास मिशन के तहत लाभान्वित युवकों को प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे।

रैली स्थल को देखते बाहर से आये नेता।
रैली स्थल को देखते बाहर से आये नेता।
सम्मान देने से पहले की स्थिति।
सम्मान देने से पहले की स्थिति।
रैली स्थल पर ट्रेनिंग लेते प्रशासनिक अफसर।
रैली स्थल पर ट्रेनिंग लेते प्रशासनिक अफसर।
रैली स्थल पर ट्रेनिंग लेते पुलिस अफसर।
रैली स्थल पर ट्रेनिंग लेते पुलिस अफसर।
सपा के रंग में नजर आ रहा एक चौराह।
सपा के रंग में नजर आ रहा एक चौराह।
टैंकर से सड़क पर बहता पानी।
टैंकर से सड़क पर बहता पानी।
पानी भरने को तैयार टैंकर।
पानी भरने को तैयार टैंकर।
रैली स्थल पर पानी गिराता टैंकर।
रैली स्थल पर पानी गिराता टैंकर।
शेष बचे तालाब के उस पार से होता स्वागत।
शेष बचे तालाब के उस पार से होता स्वागत।

रविवार को भी सांसद धर्मेन्द्र यादव तमाम जनप्रतिनिधियों के साथ रैली स्थल पर पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। बरेली मण्डल के आयुक्त प्रमांशु, बरेली जोन के आईजी विजय कुमार सिंह मीना, डीआईजी आशुतोष कुमार ने कार्यक्रम स्थल पर ही ड्यूटी पर लगाए गए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए अपने-अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वाहन करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम स्थल पर वीआईपी, महिलाओं तथा मीडिया के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। पेयजल व्यवस्था हेतु 70 पानी के टैंकर लगाए जाने के अलावा 50 अस्थाई शौचालय और दो मोबाइल शौचालय की भी व्यवस्था कराई गई है। सुरक्षा व्यवस्था हेतु 24 एएसपी, 30 सीओ, 50 एसओ, 66 सब-इंस्पेक्टर, 110 कांस्टेबिल और महिला कांस्टेबिल लगाए जाने के साथ ही यातायात व्यवस्था सुदृढ़ रखने हेतु अलग से अधिकारी लगाये गए हैं।

कार्यक्रम स्थल की भव्यता और सुंदरता आकर्षित कर ही रही है, वहीं शहर का सिविल लाइंस क्षेत्र एवं बरेली-मथुरा मार्ग समाजवादी पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर से ढक दिया गया है। हर चौराह और तिराह सपा के रंग में ही नजर आ रहा है। भव्यता और सुंदरता की प्रशंसा हो रही है, वहीं प्रचार की अति की आम जनता के बीच आलोचनात्मक चर्चा बनी हुई है। ऐतिहासिक चंदोखर तालाब के कब्जा करने की घटना भी चर्चा का प्रमुख केंद्र बनी हुई है, साथ ही दर्जनों टैंकरों से कार्यक्रम स्थल पर फेंका जा रहा पानी भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। झाँसी में केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई पानी की ट्रेन पर राष्ट्रीय स्तर की बहस हुई थी और यूपी सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी, उसी सरकार का प्रशासन मुख्यमंत्री की रैली के आयोजन में हजारों टैंकर पानी बर्बाद कर चुका है, साथ ही एक प्राचीन तालाब की बलि दे चुका है, इस सब पर 23 मई को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कुछ कहेंगे, या नहीं, इस पर लोगों की विशेष नजर रहेगी।
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