दरगाह में आग लगाने से पवित्र कुरआन व चादर भी जल गई

मलिक मियां की दरगाह के बाहर जमा लोग व पुलिस।
मलिक मियां की दरगाह के बाहर जमा लोग व पुलिस।

कानून का राज पूरी तरह खत्म होता जा रहा है। हत्या, लूट, डकैती, राहजनी और यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगा पाने में नाकाम पुलिस धार्मिक स्थलों को भी नहीं बचा पा रही है। बीती रात असामाजिक तत्वों ने एक दरगाह में आग लगा दी, जिसमें पवित्र कुरआन के साथ चादर व अन्य धार्मिक वस्तुयें भी जल गईं। घटना को लेकर इलाके के अनुयायियों में आक्रोश नजर आ रहा है, लेकिन रेड एलर्ट को गंभीरता से न लेने वाली पुलिस इस घटना को भी गंभीरता से नहीं ले रही। एसएसपी पांच घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे। फिलहाल कई थाना क्षेत्रों से बुला कर बड़ी संख्या में मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

आग से जल कर राख हो चुकी धार्मिक वस्तुयें।
आग से जल कर राख हो चुकी धार्मिक वस्तुयें।

घटना बदायूं जिले के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में स्थित गाँव नौशेरा के पास की है, यहाँ मलिक मियां की दरगाह है, जहां इलाके के हिन्दू-मुस्लिम समान रूप से आते हैं और अपने-अपने तरीके से पूजा-अर्चना कर मनौतियाँ मांगते हैं। बीती रात इसी दरगाह में किसी ने आग लगा दी। आग से पवित्र कुरान, चादर व अन्य धार्मिक वस्तुयें भी जल गई हैं। घटना की जानकारी सुबह को तब हुई, जब नौशेरा का एक युवक अगरवत्ती जलाने आया। इसके बाद सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गये और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करने लगे, लेकिन सूचना के बावजूद एसएसपी संतोष कुमार सिंह मौके पर कई घंटों तक नहीं पहुंचे। एसपी (सिटी) व सीओ सिटी भी सुबह तक नहीं आये। डीएम शंभूनाथ तो अभी तक नहीं पहुंचे हैं। पुलिस की यह उदासीनता तब है, जब पिछले दिनों धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एलर्ट जारी हो चुका है, लेकिन आसपास के कई थानों की पुलिस बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गई है। सदर विधायक आबिद रज़ा चादर लेकर पहुंचे हैं और चादरपोशी की जा रही है। मौके पर सैकड़ों लोग जमा हैं और असामाजिक तत्वों के कुकृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं।   

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