सांसद से न मिलने देने पर पीड़ित ने दी बददुआ, भयंकर हादसा

पेड़ के नीचे दबी गाड़ी।
पेड़ के नीचे दबी गाड़ी।

यूं तो दुआ-बददुआ पर अधिकांश लोग विश्वास करते ही हैं। जो लोग विश्वास नहीं करते हैं, आज उन लोगों को भी विश्वास हो गया और खुल कर कहते नजर आये कि वाकई, दुआ-बददुआ में बड़ी शक्ति होती है, इससे भी बड़ी स्तब्ध कर देने वाली बात यह है कि गरीब महिला के हृदय को आघात पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने पहुंचाया और नुकसान भी सिर्फ अफसरों का ही हुआ।

घटना बदायूं में स्थित इस्लामियां इंटर कॉलेज के प्रांगण की है, जहाँ बदायूं लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद धर्मेन्द्र यादव कन्या विद्याधन योजना के अंतर्गत चेक वितरित करने आये हुए थे। सांसद चेक वितरित कर चुके थे, वे मंच भी छोड़ चुके थे और नई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखा कर रवाना कर रहे थे, इस कार्यक्रम के बाद वे इस्लामियां इंटर कॉलेज के प्रांगण से चले जाते, लेकिन उससे पहले शाम करीब 4: 35 बजे मंच के बीस मीटर दूर स्थित प्राचीन पेड़ का बड़ा हिस्सा गिर गया।

पेड़ के नीचे एसपी (सिटी), सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम (सदर), सीएमओ, मनरेगा आयुक्त आदि की गाड़ियाँ खड़ी थीं, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ के गिरने को लेकर हर कोई स्तब्ध था, क्योंकि पेड़ शक्तिशाली था, साथ ही हवा भी नहीं चल रही थी, इसके बावजूद पेड़ ऐसे गिर गया, जैसे किसी बड़े तूफान की चपेट में आकर उखड़ गया हो।

घटना के बाद चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। महिला सिपाही रूप देवी सहित गाड़ियों के आसपास खड़े कई लोगों के आंशिक चोटें भी आई हैं। सुखद स्थिति यह रही कि उस समय गाड़ियाँ खाली थीं। अधिकारी सांसद के आसपास थे और चालक भी इधर-उधर थे, वरना बड़े स्तर पर जनहानि भी हो सकती थी।

घटना के बाद पता चला कि सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कबूलपुरा की रहने वाली शहनाज नाम की एक महिला दो छोटे बच्चों के साथ समारोह शुरू होने से बहुत पहले आ गई थी, वह बहुत परेशान थी और अपनी समस्या सांसद को बताना चाहती थी। सांसद के आने के बाद वह जब भी उनकी ओर बढ़ती, तभी महिला थानाध्यक्ष अनीता मिश्रा उसे रोक देती। उसने सांसद की ओर जाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन हर बार बीच में अनीता मिश्रा आ गई। अंत में शहनाज को पकड़ कर अनीता मंच से दूर खदेड़ कर ले गई और पेड़ की जड़ के पास चेतावनी देकर बैठा दिया कि यहाँ उठ कर पुनः आई, तो बंद कर दूंगी, इस पर शहनाज ने कहा कि गरीब की बददुआ मत लो, वरना तुम लोग झेल नहीं पाओगे। घटना के बाद शहनाज और उसकी बात चारों ओर चर्चा का विषय बन गई। हर कोई पुलिस की कार्यप्रणाली की निंदा करने लगा, साथ ही लोग यह भी कहने नजर आये कि दुआ-बददुआ में बड़ी शक्ति होती है।

पीड़ित शहनवाज को सांत्वना देते डीसीबी के अध्यक्ष ब्रजेश यादव।
पीड़ित शहनाज को सांत्वना देते डीसीबी के अध्यक्ष ब्रजेश यादव।

पीड़ित शहनाज की बात सपा के लोकप्रिय युवा नेता और डीसीबी के अध्यक्ष ब्रजेश यादव तक पहुंची, तो उन्होंने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया। वे शहनाज के पास गये और उन्होंने धैर्य पूर्वक उसकी पूरी बात सुनी। शहनाज आर्थिक समस्या से ग्रस्त थी, वह अपनी बात कहते हुए रुआंसी हो गई, तो ब्रजेश यादव ने पहले उसे शांत किया और फिर ढांढस बंधाते हुए तत्काल उसे तीन हजार रूपये दिए। सुबह से शहनाज ने जितनी जिल्लत झेली थी, ब्रजेश यादव की सांत्वना मिलने के बाद वह उतना ही सुखद महसूस करने लगी और दुआ देने लगी, इस बीच ब्रजेश यादव ने मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों से कहा कि वे आगे से विशेष ध्यान रखें। गरीब और पीड़ित की मदद करने से बड़ा कोई कार्य नहीं होता, इसलिए आगे ध्यान रखा जाये, सांसद से इस तरह का कोई पीड़ित मिलना चाह रहा है, तो ससम्मान सांसद तक पहुंचाया जाये। उन्होंने कहा कि हमारे सांसद गरीबों और पीड़ितों की मदद करने के लिए स्वयं तत्पर रहते हैं, इसलिए भविष्य में रूकावट उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।

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