वंदे मातरम का बहिष्कार करने वाले विवादित मुस्लिम अध्यापक हटाये

गाँव सुंदरनगर का बंद प्राथमिक विद्यालय।

बदायूं जनपद के गाँव सुंदरनगर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के विवादित अध्यापकों को अस्थाई तौर पर हटा दिया गया है। नये प्रधानाध्यापक ने कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन उन्होंने आज विद्यालय नहीं खोला, जिससे आज भी बच्चे पढ़ाई नहीं कर सके।

उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गाँव सुंदरनगर में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्र गान का प्रधानाध्यापक मुश्ताक अहमद और सहायक अध्यापक उम्रदराज द्वारा कट्टरपंथी मानसकिता के चलते बहिष्कार किया गया था। प्रधान और ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक मुश्ताक अहमद और सहायक अध्यापक उम्रदराज की कट्टरपंथी मानसकिता को मुद्दा बना लिया। बुधवार को ग्रामीणों ने विवादित अध्यापकों का टेस्ट भी लिया था। ग्रामीणों ने विवादित अध्यापकों से राष्ट्रीय गीत, राष्ट्र गान और सरस्वती वंदना सुनाने को कहा था, तो वे नहीं सुना सके थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने निर्णय ले लिया कि विवादित अध्यापकों से वे अपने बच्चे नहीं पढ़वायेंगे।

उक्त प्रकरण की गौतम संदेश ने खबर प्रकाशित की, जिस पर बीएसए ने एबीएसए को जाँच कर रिपोर्ट देने को कहा था। एबीएसए जगदीश कुमार द्वारा शुक्रवार को बीएसए को रिपोर्ट सौंपी दी गई, जिसमें विवादित अध्यापकों पर वंदे मातरम का विरोध करने का आरोप सिद्ध हो गया था। एबीएसए जगदीश कुमार ने बीएसए की संस्तुति पर दोनों विवादित अध्यापकों को अस्थाई तौर पर हटा दिया है। विवादित प्रधानाध्यापक को गाँव अलीनगर भेजा गया है, जहाँ के संतोष कुमार को सुंदरनगर तैनात किया गया है एवं विवादित सहायक अध्यापक को ईखखेड़ा भेजा गया है। सुंदरनगर के प्राथमिक विद्यालय में पहुंच कर संतोष कुमार ने कार्यभार ग्रहण कर लिया, लेकिन विद्यालय बंद कर चले गये, जिससे आज भी शिक्षण कार्य नहीं हुआ।

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