हादसे के बावजूद पीड़ित ने कोर्ट में दर्ज कराये बयान, रोमियो को मिली विशेष अनुमति

पीड़ित

बदायूं जिले की कोतवाली बिसौली में तैनाती के समय इंस्पेक्टर संत प्रसाद उपाध्याय द्वारा परेशान की गई लड़की के आज न्यायालय में बयान दर्ज हो गये। पीड़ित न्यायालय आते समय हादसे का भी शिकार हो गई, जिससे वह चोटिल हो गई, फिर भी वह कोर्ट आई। आरोपी को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। विशेष अनुमति लेकर आरोपी जिले से बाहर गया है।

उल्लेखनीय है कि बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गाँव बावेपुर निवासी एक सभ्रांत परिवार की लड़की का बिसौली कोतवाली में तैनात रहे इंस्पेक्टर संत प्रसाद उपाध्याय वाट्सएप पर मैसेज भेज कर शोषण कर रहे थे। लड़की ने आपत्ति की, तो भी इंस्पेक्टर ने वाट्सएप पर मैसेज करने बंद नहीं किये और सड़क छाप टपोरी स्टाइल में रोमियोगीरी करते रहे। लड़की ने एसएसपी से शिकायत करने की चेतावनी दी, तो आरोपी इंस्पेक्टर ने चेतावनी को भी गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित लड़की ने इंस्पेक्टर का सीयूजी नंबर वाट्सएप पर ब्लॉक कर दिया, तो संत प्रसाद उपाध्याय चिढ़ गये और लड़की के पिता का चालान कर दिया। पिता का अपमान होने के बाद लड़की का धैर्य जवाब दे गया, उसने 31 मार्च को बरेली में आईजी और डीआईजी से शिकायत कर दी, जिस पर संत प्रसाद उपाध्याय को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया गया, कोतवाली बिसौली में मुकदमा दर्ज कर दिया गया एवं आरोपी इंस्पेक्टर को निलंबित भी कर दिया गया, इसके बावजूद आरोपी निरंतर पीड़ित का मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहा।

आरोपी इंस्पेक्टर ने पीड़ित पर दबाव बनाया, आर्थिक लालच दिया, लेकिन पीड़ित नहीं झुकी, तो आरोपी ने इस्लामनगर, सहसवान और बिसौली के पुलिस के कई दलालों से पीड़ित लड़की के संबंध में दुष्प्रचार कराना शुरू कर दिया। रूपये और गाड़ी मुहैया करा कर दलालों को बदायूं मुख्यालय ले आया और उन्हें एएसपी (सिटी) के सामने पेश कर दिया। प्रकरण से कोई संबंध नहीं होने के बावजूद दलालों ने शिकायत कर दी कि लड़की ने दूसरे नाम से मुकदमा दर्ज कराया है, जबकि लड़की ने मुकदमा दर्ज कराते समय ही बता दिया था कि वह ब्राह्मण परिवार में जन्मी है और ठाकुर परिवार ने उसे गोद ले लिया है, जिससे उसका नाम बदल गया है, इस सबसे तंग आकर पीड़ित ने डीआईजी आशुतोष कुमार से शिकायत की, तो उन्होंने बदायूं के एसएसपी को निर्देश दिया कि पीड़ित और उसके परिजनों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाये एवं आरोपी आसपास भी दिखे, तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाये, उन्होंने विवेचनाधिकारी बदलने के साथ आरोपी को बदायूं से स्थानांतरित करने के भी आदेश दे दिए।

उक्त प्रकरण में पुलिस ने आज पीड़ित के न्यायालय में धारा- 164 के अंतर्गत बयान दर्ज करा दिए, इससे पहले बदायूं स्थित न्यायालय आते समय पीड़ित को एक बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे वह चोटिल हो गई और मोबाईल भी टूट गया, लेकिन प्राथमिक उपचार कराये बिना भी दर्द सहते हुए वह कोर्ट आई। बाइक सवार फिल्मी स्टाइल का हेलमेट लगाये हुए था, जिससे उसकी शक्ल भी नहीं देख पाई। आरोपी जिले से बाहर गया हुआ है। बताया जा रहा है कि आरोपी पर जिला छोड़ने की विशेष अनुमति है।

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