मंडलायुक्त के निशाने पर आये लापरवाह आबकारी अधिकारी

बदायूं में अफसरों के साथ समीक्षा करते मंडलायुक्त प्रमांशु।
बदायूं में अफसरों के साथ समीक्षा करते मंडलायुक्त प्रमांशु।
बदायूं जिले में तैनात आबकारी अधिकारी आर. के. शर्मा इतने लापरवाह हैं कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद आज तक कार्यालय में ही नहीं बैठे हैं, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि आज मंडलायुक्त- बरेली प्रमांशु बदायूं के दौरे पर रहे और उन्होंने समस्त विभागों के अफसरों की महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें आबकारी आयुक्त न स्वयं उपस्थित हुए और न ही किसी प्रतिनिधि को बैठक में भेजा, इस पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी भी दे दी, लेकिन दबंग आबकारी अधिकारी आर. के. शर्मा पर इस सबका भी कोई असर नहीं होना है।
बुधवार को विकास भवन स्थित सभा कक्ष में मंडलायुक्त प्रमांशु ने जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी, सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया एवं संयुक्त विकास आयुक्त सीपी सिंह सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी आर. के. शर्मा तथा उनका कोई भी प्रतिनिधि उपस्थित न होने पर उन्होंने लिखित चेतावनी जारी कर जवाब-तलब करने के निर्देश दिए हैं। बताया जाता है कि आर. के. शर्मा शराब माफियाओं के चहेते हैं, जिससे शासन स्तर तक उनकी मजबूत पकड़ है, वे इलाहाबाद में रहते हैं और बदायूं कभी नहीं आते। आबकारी विभाग माफियाओं के सहारे ही चल रहा है।
बैठक में मंडलायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत गंगा पार ब्लॉक उसावां के चयनित ग्राम जटा में अब तक विद्युत विभाग द्वारा विद्युतीकरण न किए जाने पर कड़ी नाराजगी  जताते हुए निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अन्दर गांव में विद्युतीकरण हो जाना चाहिए, अन्यथा विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियन्ता सहित सम्बंधित अधिशासी अभियन्ता के विरूद्ध कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
मंडलायुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को भरपेट भोजन दिया जाए, यदि इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर लापरवाई बरती जाती है, तो उसके लिए सीधे बीएसए की जिम्मेदारी तय की जायेगी। मण्डलायुक्त ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए कहा कि जिस प्रकार एम्स में आॅनलाइन नम्बर लगाने की व्यवस्था की गई है, उसी के आधार पर जनपद में भी कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे गांव से आने वालों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े, इस पर उन्हें बताया गया कि जिस तरह चुनाव के लिए हैलो बदायूं ऐप तैयार किया जा रहा है, यदि इसी प्रकार का ऐप तैयार कर लिया जाए, तो दूरदराज के लोग अपना नम्बर लगा सकते हैं, ऐप के माध्यम से उन्हें समय की भी जानकारी मिल जाएगी। खाद्यान्न वितरण के सम्बन्ध में मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी पात्र लोगों को निर्धारित मानक के अनुसार खाद्यान्न दिया जाए। डीएसओ कोटेदारों से दोस्ती न कर पूर्ण खाद्यान्न वितरण पर ज्यादा ध्यान दें। उन्होंने गरीब महिला तथा पुरूष वृृद्धों को कैम्प आयोजित कर चश्मे बंटवाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने सीएमओ को हिदायत दी है कि सीएचसी एवं पीएचसी पर शत-प्रतिशत चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत 585 गावों में विद्युतीकरण कराया जा चुका है, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक जिला प्रशासन को सूची उपलब्ध न कराने पर मंडलायुक्त  ने विभागीय अभियन्ताओं की उदासीनता के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए तीन दिन के अन्दर सूची तलब की है। उन्होंने एआरटीओ का निरीक्षण किया और भ्रष्टाचार व दलालों पर अंकुश लगाने के कड़े निर्देश दिए।
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