विवादित डीपीआरओ राजेश रिलीव, दहशत बरकरार

विवादित डीपीआरओ राजेश यादव
विवादित डीपीआरओ राजेश यादव

बदायूं में नियमों के विरुद्ध जिला पंचायत राज अधिकारी की कुर्सी कब्जाने वाले और निजी गाड़ी पर नीली बत्ती लगा कर खुलेआम दबंगई करने वाले राजेश यादव को आदेश पहुंचते ही रिलीव कर दिया गया, लेकिन राजेश यादव चुनाव बाद पुनः बदायूं में तैनाती कराने की चेतावनी देते हुए और दावा करते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी दहशत बरकरार है। राजेश यादव दोपहर लगभग एक बजे तक कार्यालय में भी जमे रहे।

आदेश की प्रति।
आदेश की प्रति।

उल्लेखनीय है कि 20 फरवरी को गौतम संदेश ने खुलासा किया था कि प्रभारी डीपीआरओ राजेश यादव निजी गाड़ी पर नीली बत्ती लगा कर चलते हैं, साथ ही लिखा था कि फेसबुक पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ वाला फोटो प्रोफाइल में लगा कर रखते हैं, इस खबर के चलते पूरा प्रकरण कई बड़े नेताओं और अफसरों के संज्ञान में पहुंचा और राजेश यादव से मौखिक स्पष्टीकरण मांगा गया, तो राजेश यादव ने अपनी गाड़ी से न सिर्फ नीली बत्ती उतार दी, बल्कि फेसबुक पर प्रोफाइल फोटो भी बदल दिया, लेकिन दो दिन बाद राजेश यादव ने पुनः नीली बत्ती गाड़ी पर लगा ली, इस खबर को भी गौतम संदेश ने प्रकाशित किया, इसके अलावा राजेश यादव सपा प्रत्याशी के पक्ष में खुलेआम प्रचार कर रहे थे, जिस पर आयोग ने राजेश यादव को बदायूं जिले से हटा कर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया।

ग्राम्य विकास विभाग के उप सचिव उमा कांत मिश्रा द्वारा जारी किया गया आदेश आज बदायूं पहुंच गया, तो राजेश यादव को तत्काल रिलीव कर दिया गया, लेकिन दोपहर लगभग एक बजे तक राजेश यादव डीपीआरओ कार्यालय में ही जमे रहे, साथ ही सूत्रों का कहना है राजेश यादव अधीनस्थों को चेतावनी देते हुए दावा कर रहे हैं कि चुनाव बाद उनकी तैनाती बदायूं में ही होगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि डीपीआरओ के साथ उन्हें जिला पंचायत में एएमए का भी अतिरिक्त कार्यभार दिया जायेगा, जिससे राजेश यादव की दहशत बरकरार है।

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