खुलासा: सरकारी स्कूल में निजी स्कूल के छात्र को बीएसए ने दिया इनाम

खुलासा करता छात्र राहुल।

बदायूं जिले के सरकारी विद्यालयों के हालात बदतर स्थिति में पहुंच गये हैं। हालात इतने भयावह हैं कि भ्रष्ट और लापरवाह शिक्षकों ने ऐसे-ऐसे तरीके इजाद कर लिए हैं कि उन्हें शिकायत के बावजूद भी नहीं पकड़ा जा पा रहा है, इसका उदाहरण कस्बा उघैती का प्राथमिक विद्यालय है, जहाँ के भ्रष्ट और लापरवाह शिक्षकों ने बीएसए को मूर्ख बना कर वाह-वाही लूट ली। अब प्रकरण का खुलासा हो गया है, जिससे समूची व्यवस्था की फजीहत हो रही है।

बताते हैं कि कस्बा उघैती निवासी बलभद्र सिंह ने प्राथमिक विद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और शिक्षकों की लापरवाही को लेकर उच्च स्तर पर शिकायतें की थीं, जिसकी जाँच करने बीएसए प्रेम चन्द्र यादव 18 मई को विद्यालय में गये। चूँकि बीएसए जाँच करने शिक्षकों को बता कर गये थे, जिससे शिक्षकों ने विद्यालय की व्यवस्थायें दुरुस्त कर लीं। साफ-सफाई कराते हुए बच्चों को तरीके से बैठा दिया गया, लेकिन बड़ी समस्या यह थी कि बच्चों को कुछ भी पढ़ना-लिखना नहीं आता, जिससे शिक्षकों का भांडा फूट सकता था। शातिर शिक्षकों ने इस समस्या का भी तोड़ निकाल लिया और सरस्वती ज्ञान मन्दिर नाम के निजी विद्यालय में कक्षा- पांच में पढ़ने वाले छात्र राहुल नेक्सू का आनन-फानन में एडमिशन कर लिया। एडमिशन फॉर्म स्वयं भर कर पिता की जगह बच्चे का ही अंगूठा लगवा लिया और कक्षा में बच्चों के बीच में उसे भी बैठा दिया। बीएसए ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को देखने के साथ बच्चों से भी बात की। बताते हैं कि बीएसए के सामने राहुल ही आया, उससे बीएसए ने कई सवाल किये, जिसके राहुल ने त्वरित और सटीक उत्तर दिए, तो बीएसए ने खुश होकर उसे पांच सौ रूपये का इनाम भी दिया, इससे भ्रष्ट और लापरवाह शिक्षकों की बीएसए के समक्ष वाह-वाह हो गई।

शिकायतकर्ता बीएसए को बताता रहा कि यह सब फर्जीवाड़ा है, लेकिन बीएसए ने उसकी नहीं सुनी। फर्जीवाड़े का खुलासा करने का आइडिया शिकायतकर्ता के दिमाग में आया और फिर उसने राहुल से ही बात की। राहुल ने सब सच-सच बता दिया कि वह सरस्वती ज्ञान मन्दिर में पढ़ता है, उसका एडमिशन उसी दिन किया गया था, उसे शिक्षकों ने कई टिप्स दिए थे। बीएसए प्रेम चंद्र यादव ने बताया कि इसमें गलत कुछ नहीं है, वे जांच करने नहीं, बल्कि निरीक्षण करने गये थे, उन्होंने उसी दिन देखा था कि बच्चे का तत्काल एडमिशन किया गया है। बोले- हाउस होल्ड सर्वे कराया गया था, जिसमें पता चला कि बच्चा पढ़ने में सही है, उसके माता-पिता निजी स्कूल की फीस नहीं दे पा रहे थे, इसलिए उसका एडमिशन किया गया। उक्त प्रकरण में सूत्रों का कहना है कि भ्रष्ट व लापरवाह शिक्षक एक चर्चित स्थानीय भाजपा नेता को प्रतिमाह रूपये देते हैं, जिसकी सिफारिश पर सब कुछ दबा दिया गया है।

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राहुल ने स्वयं खुलासा किया है, जिसे देखने/सुनने के लिए वीडियो पर क्लिक करें

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