पुलिस व राजस्व टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, मुकदमा दर्ज

घटना के बाद गाँव में मौके पर खड़ीं पुलिस व अफसरों की गाड़ियाँ।
घटना के बाद गाँव में मौके पर खड़ीं पुलिस व अफसरों की गाड़ियाँ।

सरकारी जमीन पर किये जा रहे कब्जे को रुकवाने गई पुलिस व राजस्व टीम पर कब्जा करने वाले हमलावर हो गये। हालात इतने खराब हो गये कि पथराव के साथ लाठी-डंडों से लोगों ने पुलिस व राजस्व टीम को पीट दिया, साथ ही गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त कर दीं। इस दौरान पुलिस व राजस्व टीम जान बचा कर भागती नजर आई। सूचना के बाद बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची, तब हालात सामान्य हुए। पथराव व मारपीट के चलते कई पुलिस कर्मी घायल हुए हैं एवं महिलाओं सहित कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि बदायूं जिले में स्थित बिसौली तहसील के उपजिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस गाँव मोहम्मदपुर मई में सरकारी जमीन पर कब्जा रोकने गई, तो कब्जा करने वालों ने पुलिस पर हमला कर दिया। बताते हैं कि हरपाल व मुन्नालाल आदि ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य कर रहे थे, जिसकी जानकारी मिलने पर एसडीएम गुलाब चन्द्र ने बिसौली कोतवाली पुलिस को राजस्व विभाग की टीम के साथ कब्जा रोकने के निर्देश दिये थे।
एसआई जितेन्द्र यादव के साथ कानूनगो अशोक शर्मा एवं लेखपाल हेम सिंह मौके पर पहुंच गये और उन्होंने हरपाल को हिरासत में ले लिया, तो हरपाल व मुन्नालाल के साथ उनके तमाम समर्थकों ने मारपीट शुरू कर दी। थप्पड़ों और लाठी-डंडों से पीट कर पुलिस व राजस्व टीम को खदेड़ दिया, साथ ही गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त कर दीं। बाद में सूचना पर कोतवाली प्रभारी सिद्धार्थ मिश्रा, सीओ राजवीर सिंह पुलिस व पीएसी के साथ घटना स्थल पर पहुंचे, तब हालात सामान्य हुए, इसके बाद पड़ोसी थाना फैजगंज बेहटा और बजीरगंज की भी पुलिस पहुंच गई, जिसने हमलावरों के घरों में जमकर तांडव किया। पुलिस ने अनारकली एवं बन्नो देवी नाम की महिलाओं सहित कई लोगों को हिरासत में लिया है।
उधर घायल एसआई जितेन्द्र यादव, सिपाही महेश चन्द्र, जितेन्द्र, आनन्द, ओमवीर और हेमेन्द्र को सीएचसी पर ले जाया गया, जहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भेज दिया गया। एसआई जितेन्द्र यादव की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी कार्य मे बाधा डालने, मारपीट करने और बलवा सहित अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। इसके अलावा लेखपाल हेमचन्द्र की तहरीर पर दर्जन भर दबंगों के खिलाफ एक और मुकदमा लिखाया गया है, साथ ही एक मुकदमा गाँव मोहम्मदपुर मई निवासी रमेश चन्द्र की तहरीर पर भी पुलिस ने पंजीकृत किया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि एक अखबार के संवाददाता के दबाव में पुलिस व प्रशासन ने यह कार्रवाई की है, जिससे आक्रोशित ग्रामीण हमलावर हो गये। सूत्र ने यह भी बताया कि यह विवादित संवाददाता इसी गाँव का है और पूरे क्षेत्र में दलाली के चलते पुलिस व प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का अक्सर दबाव बनाता रहता है।

Leave a Reply