पशु तस्करों एवं खनन माफियों पर कसें शिकंजा: डीएम

थाना कादरचौक में निरीक्षण के दौरान निर्देश देते डीएम व एसएसपी।
थाना कादरचौक में निरीक्षण के दौरान निर्देश देते डीएम व एसएसपी।
बदायूं के जिलाधिकारी शम्भू नाथ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कादरचौक थाने के थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस अधिकारियों की जमकर क्लास लेते हुए पेंच कसे और सख्त हिदायत दी कि यदि थाना क्षेत्र में अवैध खनन तथा पशु तस्करी की शिकायतें मिली, तो संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
थाना कादरचौक में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए। समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा के दौरान पाया कि दो अगस्त, 14 के बाद से अब तक समाधान दिवस में कोई भी शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है, जबकि यह चौथा समाधान दिवस आयोजित हो रहा है। इस पर दोनों अधिकारियों ने कड़ा असंतोष एवं चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत गत दो माह में कोई भी शिकायत प्राप्त ही न हो, ऐसा सम्भव नहीं है, क्योंकि प्रातः 10: 00 बजे से 12: 00 बजे तक उनके द्वारा सुनी जाने वाली ऐसी कई शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिनके निस्तारण हेतु वह थाना दिवसों को भिजवाते हैं, इसलिए समाधान दिवसों पर विशेष ध्यान देते हुए दोनों पक्षों को बुलाकर शिकायतें सुनी जाएं, शिकायत कर्ता को संतुष्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों के निस्तारण में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक की आवश्यकता हो, तो उन्हें भी मौके पर ले जाकर समस्या का समाधान कराया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि थाना क्षेत्र में अवैध खनन की आए दिन शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, इसलिए खनन माफियाओं तथा पशु तस्करों के साथ सख्ती से पेश आया जाए। जिलाधिकारी ने ईद के त्याौहार पर शांति एवं कानून व्यवस्था कायम रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी नई परम्परा न पड़ने दी जाए। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में अभी भी मैला ढोने की प्रथा कायम होने की उन्हें जानकारी प्राप्त हुई है, ऐसे मामलों में एडीओ (पंचायत) थाने के पुलिस अधिकारियों सहित मौके पर जाकर शुष्क शौचालय तुड़वायें और दोषियों के खिलाफ आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कराई जाए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाने की साफ सफाई, छतों पर उगी जंगली घास कटवाने के निर्देश देते हुए थाने को स्वच्छ और साफ रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी के साथ कोई रियायत न बरती जाए और आवश्यकता पड़ने पर गुंडा एक्ट, जिला बदर की भी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

Leave a Reply