सूअर के अविकसित बच्चे की देवता मान कर शुरू कर दी पूजा

सूअर के अविकसित बच्चे को देवता मान कर पूजा-अर्चना करते लोग।
सूअर के अविकसित बच्चे को देवता मान कर पूजा-अर्चना करते लोग।

आस्था और श्रद्धा के मामले में समूचा देश ही पिछड़ा है, लेकिन बदायूं जिले के हालात और भी दयनीय हैं। सूअर ने एक अविकसित बच्चे को जन्म दिया, तो मोहल्ले वालों ने उसकी देवता के रूप में पूजा-अर्चना शुरू कर दी और देखते ही देखते वहां हजारों रूपये भी चढ़ गये।

अजीबो-गरीब घटना बदायूं शहर के मोहल्ला कबूलपुरा की ओर की है, जहाँ सोमवार को एक बाल्मीकि परिवार के घर में पल रहे मादा सूअर ने एक अविकसित बच्चे को जन्म दिया। विकृत बच्चे को देखने के लिए वहां भीड़ जमा होने लगी और तमाम लोग धूपबत्ती, अगरबत्ती वगैरह लगा कर भगवान गणेश का प्रतीक मानते हुए उस विकृत बच्चे की पूजा करने लगे। दर्शन कर तमाम लोग विकृत बच्चे के पास रूपये भी चढ़ाने लगे, जिससे वहां कुछ ही देर में हजारों रूपये जमा हो गये। खबर फैलती जा रही थी और वहां भीड़ बढ़ती जा थी, लेकिन विकृत बच्चे की कुछ देर बाद सांसें थम गईं, तो पूजा-अर्चना भी बंद हो गई, इस घटना की शहर में व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है।

सूअर का अविकसित बच्चा।
सूअर का अविकसित बच्चा।

यहाँ यह भी बता दें कि 18 दिसंबर 2015 को जिला महिला अस्पताल में एक महिला ने अविकसित शिशु को जन्म दिया, तो उसे देखने वालों की भी भीड़ जमा होने लगी थी और अधिकांश लोग उस बच्चे को भी देवता मानने लगे थे।

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दो सिर और चार हाथ-पैर के शिशु को देखने के लिए भीड़ उमड़ी

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