सपा सुप्रीमो ने अमर कर दिए समाजवादी चिंतक डॉ. लोहिया

दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित लोहिया भवन के उद्घाटन के अवसर पर मंचासीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, प्रो. रामगोपाल यादव, ठा. अमर सिंह और शिवपाल सिंह यादव।
दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित लोहिया भवन के उद्घाटन के अवसर पर मंचासीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, प्रो. रामगोपाल यादव, ठा. अमर सिंह और शिवपाल सिंह यादव।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर विरोधी कई तरह के आरोप मढ़ते रहते हैं समाजवादी पार्टी के बारे में विरोधी अक्सर कहते हैं कि नाम ही समाजवादी है, पर समाजवाद से कोई मतलब नहीं है, लेकिन सही बात यह है कि डॉ. राममनोहर लोहिया प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनते हैं, तो सिर्फ मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी ही उसका कारण होती है। देश में और भी कई नेता हैं, जो स्वयं को डॉ. लोहिया का अनुयायी कहते हैं, लेकिन वे कभी डॉ. लोहिया की चर्चा तक नहीं करते।
खैर, हाल-फिलहाल डॉ. लोहिया राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं, क्योंकि दिल्ली के वसंतकुज में नेल्शन मंडेला मार्ग पर समाजवादी पार्टी के जिस राष्ट्रीय कार्यालय का बुधवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा उदघाटन किया गया, उसे लोहिया भवन नाम दिया गया है। उद्घाटन के अवसर पर शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रो. राम गोपाल यादव, ठा. अमर सिंह, शिवपाल सिंह यादव, धर्मेन्द्र यादव, बलराम सिंह यादव, ओमकार सिंह यादव और अहमद हुसैन सहित उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री और सपा के अधिकाँश बड़े नेता मौजूद रहे।
उद्घाटन के अवसर पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के नारे का हवाला देते हुए कहा कि झाड़ू लगाकर गंदगी को ठिकाने लगा दो। सफाई नहीं करोगे, तो गंदगी का पहाड़ बन जाएगा। बोले- गैर कांग्रेसवाद का नारा लगा था और कांग्रेस हट गई थी। डॉ. लोहिया के चर्चित भाषणों का उल्लेख करते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि ईमानदारी से आंदोलन के सहारे आगे बढ़ो, जनता स्वीकार करेगी। आचरण ऐसा होना चाहिए कि कोई अंगुली न उठा सके। बोले- पत्थर से टकराओगे, तो वह टूटेगा नहीं, पर चटकेगा जरूर। डॉ. लोहिया ने यह बात उस समय कही थी, जब उनसे नेहरू के खिलाफ चुनाव लड़ने के फैसले के बारे में पूछा गया था। उन्होंने कहा कि लोहिया जी की इच्छा थी कि सोशलिस्ट पार्टी का दफ्तर हैदराबाद में हो। बोले- इस भवन के माध्यम से लोग लोहियाजी के विचार सीखेगें। अच्छा रहता कि इस भवन का निर्माण उनके सामने होता, पर अब गांव-गांव उनके विचारों का प्रसार करेंगे। मैं लोहियाजी को करीब से जानता था, आज भी हम उनके आदर्शों के साथ खड़े हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोहिया के विचारों को जानने-समझने के लिए लोहिया भवन में आने और उनके साहित्य को पढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ठा. अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी आंदोलन में डॉ. लोहिया का बड़ा योगदान है। बोले- जब मैं कलकत्ता में कांग्रेस पार्टी में था, तभी समाजवाद को जान लिया था। तब यह आदर्श हमारे सिर के ऊपर से जाते थे। उन्होंने डॉ. लोहिया की तुलना गोविंद सिंह और गुरु मुलायम सिंह यादव से की और कहा कि गोविंद से बड़े गुरू हैं। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया ने जो हमें सिखाया था, आज के युवाओं को वो ट्रेनिंग नहीं दी जाती। समाजवाद में अनुशासन जरूरी है। बोले- नेता जी ने लोहिया जी को अमर किया है, यह भवन लोहियावाद को आगे बढ़ायेगा।
 

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