अब प्रत्येक 22 फरवरी को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत

अब प्रत्येक 22 फरवरी को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
अब प्रत्येक 22 फरवरी को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत की ऐतिहासिक सफलता को देखते हुए न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण- नई दिल्ली द्वारा निर्देशित किया गया है कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किसी विशिष्ट विषय वस्तु/प्रकरण के सम्बन्ध में मासिक रूप से आयोजित कराया जाये। उक्त निर्देश के अनुपालन में न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा, वरिष्ठ न्यायाधीश उच्च न्यायालय खण्डपीठ लखनऊ एवं कार्यपालक अध्यक्ष उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा प्रदेश के समस्त जनपद, न्यायालयों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीशों को 22 फरवरी को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कराने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने 22 फरवरी को आयोजित होने वाली मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं।
यह जानकारी उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के सदस्य सचिव राघवेन्द्र कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक मामले, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम, वसूली वाद आदि (लम्बित एवं प्री-लिटिगेशन मामले), धारा-446 द.प्र.स. सम्बन्धी मामले, पब्लिक प्रिमिसेज एक्ट सम्बन्धी मामले, उत्तराधिकार सम्बन्धी मामले, आयुध अधिनियम के उपयुक्त प्रकरण, बीमा सम्बन्धी वाद, स्थानीय विधियों के अन्र्तगत शमनीय वाद, सेवा/वेतन संबंधी वाद, सेवा निवृत्तिक परिलाभों से सम्बन्धित प्रकरण, किरायेदारी वाद, वन अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण, पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत चालान, बाट तथा माप (प्रचालन) अधिनियम के अन्तर्गत चालान, उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिनियम के अन्तर्गत के अन्तर्गत चालान, चलचित्र अधिनियम के अन्तर्गत चालान, के वादों का निराकरण किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि आबकारी अधिनियम सम्बन्धी वाद, गैम्बलिंग एक्ट के अन्तर्गत चालान, नगर निगम/नगर पालिका के अन्तर्गत चालान, विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत के अन्तर्गत चालान, मेड़बन्दी एवं दाखिल खारिज वाद, मोबाइल फोन एवं केबल नेटवर्क सम्बन्धी प्रकरण, प्रि-लिटीगेशन प्रकरण, मनरेगा प्रकरण, शिक्षा का अधिकार सम्बन्धी प्रकरण, जलकर एवं गृहकर, कैंटोनमेन्ट बोर्ड प्रकरण, रेलवे दावे, आपदा राहत प्रकरण, कराधान प्रकरण, राशन कार्ड/बी.पी.एल. कार्ड /जाति एवं आय प्रमाण पत्र सम्बन्धित प्रकरण, आदि का भी निपटारा आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराया जायेगा।
राघवेन्द्र कुमार ने बताया कि विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में पात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ न प्राप्त होने की दशा में उत्पन्न कानूनी अधिकारों को लागू कराने के सम्बन्ध में भी विवादों को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कराकर निपटारा कराया जा सकता है।

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