सांसद के गोद लिए गाँव को आदर्श बनाया जायेगा

गुरूवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला में जिलाधिकारी शम्भूनाथ, सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह व डीडीओ प्रदीप कुमार सोम।
गुरूवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला में जिलाधिकारी शम्भूनाथ, सीडीओ देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाह व डीडीओ प्रदीप कुमार सोम।
सांसद आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत बदायूं के सांसद धर्मेन्द्र यादव द्वारा गोद लिए गए ग्राम जरीफनगर दुर्गपुर को माॅडल के रूप में विकसित किया जाएगा। जन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए नैतिक स्तर ऊपर उठाने से लेकर जन सुरक्षा के साथ ही शिक्षा, विद्युत, स्वच्छता, साक्षरता, टीकाकरण, पेयजल आपूर्ति आदि योजनाओं से गांव को आच्छादित कर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।
गुरूवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला में जिलाधिकारी शम्भू नाथ ने कहा कि आदर्श गांव को इस प्रकार विकसित किया जाए कि दूसरे ग्रामों के लोगों के लिए उदाहरण बन सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह चयनित गांव का सर्वे कर उनके विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के अलावा गांव को विकसित करने हेतु और क्या-क्या उनके स्तर से किया जा सकता है, योजना तैयार करें। उन्होंने कहा कि जन सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपना-अपना दृष्टिकोण बदलकर परम्परागत तरीके से हटकर गांव को खुशहाल बनाने की योजनाएं तैयार की जाएं।
महात्मा गांधी के सपनों का भारत, के आधार पर आदर्श गांव को विकसित किया जाए, जहां शिक्षा, पेयजल, कृषि, सिंचाई, विपणन, मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति, पेंशन, दुग्ध डेयरी, समूह गठन, खाद्यान्न आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य जैसी सभी सुविधाएं मुहैया हों। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि विभिन्न विभागों द्वारा प्रशंसनीय कार्य नहीं किए जाते हों, लेकिन किसी भी विभाग द्वारा सफलता की स्टोरी नहीं तैयार की गई हैं।  उन्होंने कहा कि मनरेगा अंतर्गत हजारों बेरोजगारों को रोजगार दिया गया, समूह गठन कराकर स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया, हजारों की संख्या में इन्दिरा, लोहिया आवास गरीबों को उपलब्ध कराए गए, कृषकों को तकनीकी ज्ञान के साथ कृषि यंत्रों का भी वितरण किया गया, इन सभी योजनाओं पर आधारित सफलता की स्टोरी की सीडी तैयार की जानी चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विभिन्न कार्यों के लिए गांव में कमेटियां गठित करके जन सहभागिता के साथ आदर्श गांव को माॅडल स्वरूप बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि उनके विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का आदर्श गांव में भली-भांति क्रियान्वयन हों। उन्होंने कहा कि आदर्श गांव तथा लोहिया ग्रामों में लगनशील कर्मचारियों को तैनात किया जाए, जिससे गांव के विकास के साथ-साथ सरकारी अभिलेखों का रख-रखाव भी सही ढंग से हो सके।
कार्यशाला में सांसद आदर्श ग्राम योजना पर आधारित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए भाषण को अधिकारियों को सुनाकर उनकी मंशा से अवगत कराते हुए विभिन्न प्रदेशों में विकसित किए गए आदर्श गांव की स्टोरी भी दिखाई गई और अधिकारियों को इसी प्रकार काम करने के लिए पूर्ण मनोयोग से तैयार रहने का संदेश दिया गया।
आदर्श ग्राम में कराए जाने वाले कार्य- सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित ग्राम जरीफनगर दुर्गपुर में व्यक्तित्व के विकास, मानव विकास, सामाजिक विकास, आर्थिक विकास, पर्यावरण विकास, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के कार्य, सामाजिक सुरक्षा एवं सुशासन जैसे कार्यों को कराया जाएगा।
गरीबी उन्मूलन के लिए बनेगी योजना- ग्राम पंचायत के लिए एक ग्रामीण विकास योजना (वीडीपी) बनाई जाएगी, जिसमें प्रत्येक गरीब परिवार को गरीबी से उबारने में मदद करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ग्रामीण विकास योजना की स्वीकृत जिला स्तर पर गठित जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा की जाएगी। ग्राम पंचायत में संचालित किए जाने वाले कार्यक्रमों का क्रियान्वयन जनपद स्तर पर उपलब्ध संसाधनों द्वारा किया जाएगा। जिलाधिकारी लोगों की वरीयता प्राप्त आवश्यकताओं के आधार पर ग्राम विकास योजना तैयार करने के लिए एक कार्य समूह का गठन करेंगे, जिसमें सरकारी अधिकारी और बाहरी व्यवसायिक एवं विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
इस अवसर पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामरक्ष पाल, जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाक्टर डबल सिंह, आजीविका मिशन के उपायुक्त आरपी सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर नरेन्द्र कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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