दलित किशोरी को यौन उत्पीड़न के बाद मौत के घाट उतारा

दरिंदों द्वारा कुचली गई किशोरी के शव पर विलाप करते परिजन।
दरिंदों द्वारा कुचली गई किशोरी के शव पर विलाप करते परिजन।

अपराधों के क्रम में मंगलवार को दिनदहाड़े एक गरीब दलित परिवार की किशोरी दरिंदों का ग्रास बनी है। दरिंदों ने मासूम को कुचला ही नहीं, बल्कि छोटे भाई के देख लेने पर मिटा ही दिया। परिवार में हाहाकार मचा हुआ है। पुलिस ने किशोरी का शव अपने कब्जे में ले लिया है और अस्पताल के शव गृह में रख दिया है, लेकिन दरिंदे भागने में सफल रहे हैं और उन्हें पकड़ने का पुलिस अभी प्रयास भी करती नजर नहीं आ रही है।

लैट्रीन में लिपटे किशोरी के वस्त्र।
लैट्रीन में लिपटे किशोरी के वस्त्र।

हृदय विदारक घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित शहर के मोहल्ला नेकपुर की गाली नंबर- चार की है। इस गली में एक गरीब दलित परिवार रहता है, जिसका मुखिया राज-मिस्त्री का कार्य कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करता है। वह शहर में ही एक मकान को बनाने का कार्य कर रहा था। दोपहर में उसके घर जाकर खाना खाने का समय हुआ, तो उसकी 16 वर्षीय बेटी पिता को खाना खिलाने की तैयारी के चलते पड़ोस के घर में बाल्टी लेकर पानी लेने चली गई। किशोरी जिस घर में पानी लेने गई, उस घर के युवक के साथ दो और युवक बैठे थे। बताते हैं कि तीनों ने किशोरी को दबोच लिया और उसे बेरहमी से कुचलने लगे। किशोरी का यौन उत्पीड़न करने में किस हद तक दरिंदगी की गई, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किशोरी के वस्त्रों पर लैट्रिन लगी है।

बताते हैं कि देर होने पर किशोरी का छोटा भाई उसे बुलाने गया, तो तीनों दरिंदे उसे रौंद रहे थे। यह सब देख कर वह सन्न रह गया। किशोर का कहना है कि उसके सामने ही एक दरिंदे ने उसकी बहन को गिलास में घोल कर कुछ जबरन पिलाया, जिसके पीते ही वह बेहोश गई। उसने दौड़ कर घर पर यह सब बताया, तो दरिंदों ने उसे मुक्त कर दिया। परिजन बेहोश किशोरी को पड़ोस के ही झोलाझाप डॉक्टर कल्लू के अस्पताल में ले गये, जहां उसने दम तोड़ दिया।

मुख्य आरोपी के घर पर लगा ताला।
मुख्य आरोपी के घर पर लगा ताला।

दोपहर एक-दो बजे की घटना की पुलिस को भनक तक नहीं लगी, जबकि घटना स्थल से थाने व पुलिस कार्यालय की दूरी चार कदम ही है। पुलिस 8-9 बजे के आसपास पहुंची, तो दरिंदों को पकड़ने का प्रयास करने की जगह शव को कब्जे में लेने का प्रयास करने लगी। चूँकि घटना दलित परिवार के साथ हुई है, सो किसी अफसर के चेहरे पर चिंता की एक लकीर तक नहीं थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे घटना के बारे में अभी कुछ स्पष्ट बता भी नहीं पा रहे हैं।

किशोरी शहर के ही एक कॉलेज में कक्षा- 11 की छात्रा थी और हाईस्कूल में बहुत अच्छे नंबरों के साथ पास हुई थी। सूत्रों का यह भी कहना है कि एक आरोपी का पिता सट्टा लगाने का धंधा करता है, जिससे उसकी पहुंच थाने से लेकर ऊपर तक के अफसरों से ही नहीं, बल्कि राजनेताओं से भी है, इसलिए यह विशेष ध्यान देने की बात है कि पुलिस का आरोपियों के प्रति कैसा व्यवहार रहेगा? हाल-फ़िलहाल घटना को लेकर समूचे इलाके में दहशत का माहौल है।

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