16 सितंबर तक बतायें कि सरकारी जमीन पूरी तरह मुक्त हो गई: मुख्य सचिव

एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स संबंधी बैठक लेते मुख्य सचिव।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने समस्त विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये हैं कि आगामी 16 सितम्बर तक अपने अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों से जनपदवार शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे, अवैध कब्जे से मुक्त कराई गयी जमीन सहित अवैध कब्जे करने वाले व्यक्ति का पूर्ण विवरण सहित वांछित सूचना प्रत्येक दशा में प्राप्त कर ली जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के समस्त लेखपालों से आगामी 15 दिन में उनके क्षेत्रों में अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त कराई गयी ग्राम सभा की भूमि अथवा अवैध कब्जे न होने की वांछित सूचना सहित प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि भू-माफियाओं से सम्बन्धित शिकायतें चाहें वह किसी भी माध्यम से प्राप्त हों, उन्हें एन्टी भू-माफिया पोर्टल पर दर्ज कराने के दिये गये निर्देशों का पालन की कृत कार्यवाही से अवगत कराया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि सम्बन्धित विभागों को अपने विभागवार सम्पत्ति रजिस्टर एक पक्ष के भीतर अद्यावधिक कराने हेतु आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता से सुनिश्चित करानी होगी। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के विरूद्ध दर्ज मुकदमों पर नियमानुसार तत्काल प्रभावी कार्यवाही तत्परता से सुनिश्चित कराई जाये।

मुख्य सचिव आज लखनऊ स्थित शास्त्री भवन के अंदर अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में राज्य स्तरीय एन्टी भू-माफिया टास्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एन्टी भू-माफिया अभियान के अन्तर्गत राज्य, मण्डल, जिला एवं तहसील स्तरीय गठित टास्क फोर्स की बैठक नियमित रूप से आयोजित कराकर भू-माफियाओं के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित कराते हुये अवैध कब्जे से जमीनों को मुक्त कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि अवैध कब्जे से सम्बन्धित लम्बित राजस्व वादों का निस्तारण नियमानुसार प्राथमिकता से निस्तारित कराया जाये। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं के विरूद्ध अभियान चलाकर नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित किया जाये।

उन्होंने कहा कि सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिवगण विभागाध्यक्षों के माध्यम से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का विवरण (गाटा संख्या, क्षेत्रफल आदि) 10 दिनों के भीतर प्राप्त कर लें तथा इस आशय का प्रमाण पत्र लें लें कि किसी भी अवैध कब्जे का विवरण छूटा नहीं है। सही सूचना न देने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में प्रमुख सचिव, राजस्व रजनीश दुबे ने बताया कि विगत 31 जुलाई तक प्रदेश में ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जे वाले चिन्हित 20236.42 हेक्टेयर भूमि में से अतिक्रमणकर्ताओं से 8038.38 हेक्टेयर भूमि रिक्त कराये जाने के अतिरिक्त अवशेष भूमि को भी नियमानुसार रिक्त कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिन्हित कुल 1434 भू-माफियाओं को उनके द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमित 1989 हेक्टेयर राजकीय भूमि से अब तक 717 हेक्टेयर भूमि रिक्त कराई जा चुकी है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज चंचल कुमार वितारी, प्रमुख सचिव, गृह अरविन्द कुमार, पुलिस महानिदेशक, सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव, औद्योगिक विकास आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव, सिंचाई सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव, नगर विकास  मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद निवेदिता शुक्ला वर्मा, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद लीना जौहरी, सचिव राजस्व रंजन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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