तेजतर्रार सीडीओ के निशाने पर आये सीडीपीओ और लेखपाल

बच्चों का ज्ञान परखते सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया।
बच्चों का ज्ञान परखते सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया।
बदायूं जिले के तेजतर्रार मुख्य विकास अधिकारी/प्रभारी जिलाधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने अध्यापकों की तरह जब श्याम पट पर खड़े होकर शिक्षा स्तर को परखा, तो उनकी क्लास में शिक्षक और बच्चे दोनों फेल हो गए, वहीं दूसरी ओर छह माह से गांव में लेखपाल न आने पर उन्होंने दूरभाष पर एसडीएम दातागंज को निर्देशित किया कि तत्काल लेखपाल को निलंबित किया जाए। दो माह से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मानदेय न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीडीपीओ राधा सक्सेना के वेतन आहरण पर रोक लगा दी।
गुरूवार को सीडीओ/प्रभारी डीएम ने पोषण मिशन के तहत गोद लिए ब्लाक म्याऊं के ग्राम चितौरा और दातागंज के ग्राम सैंजनी पहुंच कर आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया और अतिकुपोषित बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। ग्राम चितौरा में दोंनों आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 16 बच्चे अतिकुपोषित पाए गए।
पुनर्वास केन्द्र में करायें भर्ती
गांव चितौरा में एक माह की रेनू नामक बच्ची का मात्र सात सौ ग्राम वजन होने पर प्रभारी डीएम ने तत्काल जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए, जिस पर गांव की आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बताया कि उसका पिता ऋषिपाल भर्ती नहीं करा रहा है। प्रभारी डीएम ने एकत्र गांव वालों और प्रधान से कहा कि उसे समझाएं, अन्यथा बच्चे की मृत्यु होने पर उसके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। पुनर्वास केन्द्र में बच्चे के साथ रहने वाली उसकी मां को प्रति दिन सौ रूपए दिए जाने की व्यवस्था के साथ ही निःशुल्क भोजन भी दिया जाता है। गांव वालों ने अवगत कराया कि जिला चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र में शौचालय न होने के कारण बच्चों के साथ जाने वाली महिलाओं को अत्यन्त असुविधा होती है।
प्रभारी डीएम ने उसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शिक्षक की तरह श्याम पट पर लिखकर हिन्दी, गणित आदि के सम्बन्ध में पूछा, तो बच्चे प्रारम्भ के पाठ के उत्तर ही नहीं दे सके। उन्होंने एक क्लास में होशियार दो बच्चों को नकद पुरस्कार राशि भी भेंट की। चितौरा स्थित स्वास्थ्य उपकेन्द्र में ताला लगा हुआ पाए जाने पर नाराजगी जताई। ग्राम सैंजनी के प्राथमिक विद्यालय के शौचालयों की ओर जाने पर रास्ते पर गांव के ही अलाउद्दीन ने अवैध कब्जा कर रखा है। प्रभारी डीएम ने मौके पर उसे तलब कर तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि अन्यथा जेल भेज दिया जाएगा।
बच्चों को बांटी मिठाई
प्रभारी जिलाधिकारी ने ग्राम चितौरा और ग्राम सैंजनी स्थित चारों आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को अपने घर से ले जाकर अपने हाथों से मिठाई बांटी और केन्द्र की ओर से बिस्किट बांट कर महिलाओं और बच्चों को पोषाहार भी वितरित किया। उन्होंने अपने सामने कई बच्चों का वज़न भी कराया और निर्देश दिए कि अतिकुपोषित बच्चों में सुधार हेतु हर सम्भव प्रयास किए जायें।
एक हफ्ते से नहीं बंटा एमडीएम
ग्राम चितौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को एक हफ्ते से मध्यान्ह भोजन नहीं मिला है और बेसिक शिक्षा अधिकारी लापरवाह बने मौज कर रहे हैं। प्रभारी डीएम ने नाराजगी जताते हुए गांव से ही बीएसए से मोबाइल द्वारा वार्ता कर तत्काल मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
गांव को मिले 25 शौचालय
प्रभारी डीएम ने गांव के लोगों द्वारा खुले में शौच को जाने की कुप्रथा पर असंतोष व्यक्त करते समझाया कि खुले में शौच जाने पर गांव में बीमारियां बढ़ेंगी और कुपोषित बच्चे ठीक नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक-ठाक है, वह स्वयं शौचालय बनाएं और अति गरीबों के लिए उन्होंने 25 शौचालय बनवाने की घोषणा की। इन शौचालयों के निर्माण पर तीन लाख रूपए व्यय होगा। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा और पंचायत राज विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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