गरीब मीट विक्रेता दौड़ाये, होटल एल. ए. में अभी भी धड़ल्ले से बिक रहा है मीट

बदायूं में इंद्रा चौक के पास स्थित होटल एल. ए.।

बदायूं के पुलिस-प्रशासन द्वारा अवैध पशु वधशालाओं के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई संदेह के घेरे में है। गरीब तबके के दुकानदारों के यहाँ तो छापेमारी की जा रही है, लेकिन प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों की ओर पुलिस-प्रशासन के अफसर झाँकने भी नहीं जा रहे हैं, जिससे शहर में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।

बदायूं के प्रशासन ने दो दिन पहले स्पष्ट कर दिया कि जिले में एक भी वैध पशु वधशाला नहीं है, अफसरों ने अवैध तरीके से जानवर काटने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे दी, साथ ही छापेमार कार्रवाई भी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अफसर छोटे तबके के दुकानदारों के यहाँ ही छापेमारी करते नजर आ रहे हैं। अवैध वधशालायें सत्ता का सरंक्षण समाप्त होते ही स्वतः बंद कर दी गई थीं, जहाँ जाकर अफसर सिर्फ फोटो सेशन कराते नजर आ रहे हैं। अफसर प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठानों की ओर देखने भी नहीं जा रहे।

जी हाँ, बदायूं शहर में इंद्रा चौक के पास स्थित होटल एल. ए. में अभी भी धड़ल्ले से मांस बेचा रहा है। मीट बाजार में मीट मिलना बंद हो गया, तो लोग मीट को तरस गये, लेकिन मध्यम और गरीब तबके के लोगों को ही समस्या हो रही है। समृद्ध वर्ग खुलेआम होटल एल. ए. में मीट का स्वाद लेते हुए देखा जा सकता है। बताते हैं कि होटल एल. ए. में लोगों की रूचि के अनुसार आज भी खुलेआम मीट परोसा जा रहा है। होटल प्रबंधन को पुलिस-प्रशासन का डर भी नहीं है, तभी ग्राहकों को मीट का बिल भी जारी किया जा रहा है। सवाल उठता है कि होटल एल. ए. में मीट कहां से आ रहा है?

सूत्रों का कहना है कि होटल एल. ए. पुलिस-प्रशासन के प्रभावशाली अफसरों को हर तरह की सेवायें देने को तत्पर रहता है। पक्ष-विपक्ष से जुड़े नेता भी होटल एल. ए. की सेवायें लेते रहते हैं, जिनके संरक्षण के चलते मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के निर्देश होटल एल. ए. के पास पहुंचने से पहले निष्प्रभावी हो जा रहे हैं, लेकिन शहर में यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है।

होटल द्वारा एक ग्राहक को दिया गया बिल।

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