गवर्निंग बॉडी की बैठक में निशाने पर रहे पीडी रामरक्ष पाल

गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करती पूनम यादव, साथ में मौजूद एमएलसी बनवारी सिंह यादव, विधायक आशीष यादव, विधायक मसर्रत अली और भारत सिंह यादव।
गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता करती पूनम यादव, साथ में मौजूद एमएलसी बनवारी सिंह यादव, विधायक आशीष यादव, विधायक मसर्रत अली और भारत सिंह यादव।
बदायूं में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की शासी निकाय (गवर्निंग बाडी) की बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने पीडी को जमकर हड़काया, वहीं एमएलसी बनवारी सिंह यादव ने भी पीडी के विरुद्ध कार्रवाई करने के एसएसपी को निर्देश दिए, साथ ही बैठक में निर्णय लिया गया कि लोहिया एवं इंदिरा आवास योजनान्तर्गत दिए गए आवासों की गांव-गांव जाकर जांच होगी। जांच में संबंधित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा और सम्पूर्ण जनपद में आवंटित लोहिया, इंदिरा आवासों की जांच रिपोर्ट से सभी जनप्रतिनिधियों को अवगत भी कराया जाएगा।
विकास भवन स्थित सभाकक्ष में बुधवार को जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की शासी निकाय (गवर्निंग बाडी) की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत, विधान परिषद सदस्य बनवारी सिंह यादव, विधान सभा क्षेत्र शेखूपुर के विधायक आशीष यादव सहित अन्य सदस्यों ने लोहिया, इंदिरा आवास योजनान्तर्गत आवंटित आवासों में अनियमितताएं बरतने, अपात्रों को आवास देने जैसे गम्भीर मामलों में जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर जिलाधिकारी शम्भू नाथ ने सदन को आश्वस्त किया कि ग्रामवार लोहिया एवं इंदिरा आवासों की सघन जांच कराई जाएगी और जांच में सम्बंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल करके सम्पूर्ण जनपद की जांच रिपोर्ट सभी जनप्रतिनिधियों को अवलोकनार्थ उपलब्ध कराई जाएगी। ब्लाक जगत अंतर्गत ग्राम कुण्डेली में दिए गए इंदिरा आवासों की जांच में दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई न होने पर निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं खण्ड विकास अधिकारी की अपात्रों के आवेदनों पर संस्तुति थी और जांच में कुछ लोग अपात्र पाए गए तो इन अधिकारियों के विरूद्ध अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि एक माह के अन्दर वह प्रकरण की पुनः जांच करके दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई कर जनप्रतिनिधियों को अवगत कराएंगे।
बैठक में खण्ड विकास अधिकारी वजीरगंज, उझानी के अनुपस्थित रहने पर सदन ने असंतोष व्यक्त करते हुए अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। निजी नलकूप कनेक्शनों पर वरीयता सूची को दर किनार करते हुए ट्रांसफार्मर देने, विद्युत कनेक्शन को आधा अधूरा सामान देने तथा ठेकेदारों द्वारा ट्रांसफार्मर देने में मनमानी करने जैसे कई बिन्दुओं पर सदन ने असंतोष जताते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता को सुधार लाने के निर्देश दिए। विधान परिषद सदस्य बनवारी सिंह यादव ने उझानी ब्लॉक के ग्राम धमेई में 11 हजार की विद्युत लाइन से दो भैंसों के मरने एवं बिल्सी के विधायक हाजी मुसर्रत अली ने ब्लाक सहसवान के ग्राम नसीरपुर गौसू में 11 हजार की विद्युत लाइन से तीन लोगों की मृत्यु होने के कारण अब तक उन्हें आर्थिक सहायता न मिलने पर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में ब्लाक कादरचौक के ग्राम सिमरा स्कूल की जांच आख्या 25 अक्टूबर 2013 से अब तक जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। मनरेगा की धीमी प्रगति पर भी जनप्रतिनिधियों द्वारा असंतोष जताया गया, जिस पर उपायुक्त मनरेगा ने बताया कि 595 लाख रूपए क्षेत्र पंचायत सहसवान दहगवां, बिसौली, दातागंज एवं अम्बियापुर के लिए स्वीकृत किया जा चुका है, परन्तु अभी तक उन्हें कार्य योजना प्राप्त नहीं हुई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन की समीक्षा के दौरान तेलंगाना राज्य के जनपद महबूब नगर की प्रभावती, अमृता, लावानिया, मुहम्मद नूरूद्दीन एवं नरसिम्हा आदि की टीम को जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने अब तक ग्राम दुगरैया में छह एवं कासिमपुर में पांच समूहों का गठन कराकर उन्हें प्रशिक्षण दे दिया है। माॅडल ग्रुप का कार्य समूह बनाना प्रशिक्षण देना एवं ऐसे पांच सूत्रों का ज्ञान कराना, जिससे यह समूह तरक्की कर बेरोजगारी दूर कर सकें। बता दें कि स्कीम के कार्य करने से पूर्व ग्राम दुगरैया में मात्र एक समूह गठित था और ग्राम कासिमपुर में कोई भी समूह बना ही नहीं था, इसी टीम के प्रयास से समूह गठन का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
इससे पहले पूनम यादव ने अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर पीडी रामरक्ष पाल यादव को जमकर हड़काया, इसी बीच एमएलसी बनवारी सिंह यादव को जानकारी मिल गई कि पीडी नीली बत्ती लगा कर चलते हैं और गाड़ियों का दुरूपयोग कर रहे हैं, तो उन्होंने पास में ही बैठे एसएसपी को निर्देश दिए कि वह कार्रवाई करें। बैठक में दातागंज के विधायक सिनोद शाक्य, भारत सिंह यादव, बदायूं सांसद के प्रतिनिधि अवधेश कुमार यादव, आंवला सांसद के प्रतिनिधि राहुल चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए रामरक्ष पाल सहित अन्य सदस्यगण उपस्थिति रहे।

जिले में भी बनेगा बाल संरक्षण गृह, जिला पंचायत कराएगी भूमि उपलब्ध

बदायूं जनपद में बाल संरक्षण गृह की कमी महसूस करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने जनपद में बाल संरक्षण गृह बनाने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि वह जिला पंचायत से भूमि भी उपलब्ध कराएंगी और जनप्रतिनिधियों का सहयोग प्राप्त कर बाल संरक्षण गृह बनाया जाएगा।
समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत जनपद में 18 वर्ष से कम आयु के शिशु, बालक एवं बालिकाओं हेतु बाल संरक्षण के सशक्त संरक्षणात्मक प्रवेश का निर्माण, उचित पालन पोषण करने, परिवार की देख-रेख पाने, प्रतिष्ठा के साथ रहने एवं बच्चों को हिंसा व दुर्व्यवहार से बचाने के उद्देश्य से जिला, ब्लाक एवं ग्राम सभा स्तर पर बाल संरक्षण इकाईयां गठित की जा चुकी हैं।
समीक्षा के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी रमाकांत शर्मा ने अवगत कराया कि 15 ब्लाकों के सापेक्ष 12 ब्लाकों में बाल संरक्षण समितियों का गठन हो चुका है। शेष तीन ब्लाक कादरचैक, उसावां एवं सहसवान में गठन का कार्य किया जा रहा है।  ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में 478 ग्रामों में समितियों का गठन किया जा चुका है और शेष 407 ग्रामों में समितियां गठन का कार्य जारी है। बाल संरक्षण समितियां अपने-अपने क्षेत्र में आर्थिक अभाव से बच्चों का लालन पालन न करने वाले परिवारों को चिन्हित कर रोजगार परक योजनाओं से अभिभावकों को लाभान्वित कराकर बच्चों का उचित लालन पालन करने हेतु सशक्त बनाने का प्रयास करेंगी। बच्चों को शिक्षित न कर पाने वाले परिवारों को चिन्हित कर प्रवर्तकता कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय सहायता हेतु बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगी। ब्लाक एवं ग्रामसभा में अनिवार्य शिक्षा के दृष्टिगत सभी बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराया जाएगा। बच्चों का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही पुष्टाहार भी बच्चों को वितरित किया जाएगा। बच्चों को हिंसा व दुर्व्यवहार से बचाने का कार्य समितियां करेंगी।
बाल संरक्षण समिति अपने अपने क्षेत्र में परित्यक्त नवजात शिशुओं के मिलने पर तत्काल सम्बंधित अधिकारियों को सूचित कर नवजात शिशु को संरक्षण तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगी। बैठक में जिलाधिकारी शम्भू नाथ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा, मुख्य चिकित्साधिकारी दीपक सक्सेना सहित अन्य सदस्यगण उपस्थिति रहे।

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