सिस्टम की चूक, प्रकृति की भेंट चढ़ी बदायूं कांड की जांच

गंगा के बढ़ते जलस्तर को रोकने के लिए मिट्टी भर कर कट्टे लगाते मजदूर।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को रोकने के लिए मिट्टी भर कर कट्टे लगाते मजदूर।

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित उसहैत थाना क्षेत्र के गाँव कटरा सआदतगंज की चर्चित घटना में अब सीबीआई की भी फजीहत होने लगी है। लाशों को कब्र से निकाल कर पुनः पोस्टमार्टम कराने की चर्चा पिछले एक सप्ताह से चल रही थी, लेकिन सीबीआई लाशें निकालने तब पहुंची है, जब गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। कब्र के चार फुट ऊपर पानी बह रहा है। कब्र के चारों ओर घेरा बना कर सीबीआई पानी निकलवाने में देर रात तक जुटी रही, वहीं सूचना मिल रही है कि नरौरा बैराज से लगभग 92 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है, जो रात में ही घटना स्थल तक पहुँच कर जलस्तर को और बढ़ा देगा।

उल्लेखनीय है कि 22 मई की रात को कटरा सआदतगंज में दर्दनाक घटना हुई, जिसमें दुष्कर्म के बाद चचेरी बहनों के शव आम के पेड़ पर लटका दिए गये थे, इस घटना में दो सिपाही और तीन सगे भाईयों सहित पांच लोग नामजद हैं और सभी जेल जा चुके हैं। बाद में परिजनों की मांग पर यूपी सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी, जो केंद्र सरकार ने तत्काल मंजूर कर ली। अब सीबीआई घटना के खुलासे में जुटी हुई है। तमाम लोगों से सीबीआई जानकारी व साक्ष्य जुटाने की दिशा में रात-दिन एक किए हुये है। जांच के दौरान ही यह खुलासा हुआ था कि पोस्टमार्टम करने में लापरवाही बरती गई है। दोनों लड़कियों का सिर चिकित्सकों ने खोल कर भी नहीं देखा, जिससे पोस्टमार्टम से संबंधित निर्णय लेने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया था, जिसकी दिल्ली में हुई बैठक में शवों के दोबारा पोस्टमार्टम करने का निर्णय लिया गया।

जनता से छुपाने को टैंट लगा कर पानी पंप करने की प्रक्रिया करते कर्मचारी।
जनता से छुपाने को टैंट लगा कर पानी पंप करने की प्रक्रिया करते कर्मचारी।

अटैना घाट पर स्थित कब्र से लाशें निकालने के लिए बीस जुलाई का दिन निश्चित किया गया था, लेकिन आज गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा, तो आनन-फानन में सीबीआई की टीम पैनल और एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंच गई, लेकिन पूर्व में मेडिकल करने वाले पैनल के डॉ. राजीव गुप्ता बरेली में थे और दूसरे डॉ. अवधेश कुमार बुलंदशहर में थे। उन्हें सूचना देकर बुलाया गया, लेकिन यह दोनों दोपहर दो बजे के आसपास पहुंचे, तब तक जलस्तर और बढ़ गया।

कब्र के ऊपर बहता पानी।
कब्र के ऊपर बहता पानी।

कब्र के चार फुट ऊपर पानी बहने लगा, तो कब्र के चारों ओर घेरा बना कर पानी बाहर पंप करने लगे, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिल सकी। अब बताया जा रहा है कि नरौरा बैराज से 92 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है, जो रात में ही पहुँच जायेगा, जिससे पुनः पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया प्रकृति की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है। सूत्रों का यह भी कहना है कि बाढ़ खंड के अफसरों ने सीबीआई को लाशें बचाये रखने का आश्वासन दिया था, जिससे सीबीआई निश्चिंत थी, ऐसा ही है, तो बारिश के मौसम में जलस्तर घटने-बढ़ने का सटीक आंकलन न कर पाने की चूक बाढ़ खंड के अफसरों से ही हुई है, जिसका असर चर्चित घटना की जांच पर भी पड़ सकता है।

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