सपा विधायक व दलित किशोरी के प्रकरण में रिवीजन भी दायर

यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी
यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी

सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव की कोठी में बंधक रहने वाली यौन उत्पीड़न की शिकार दलित किशोरी के प्रकरण में बुधवार को सुनवाई हुई। एसीजेएम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया, वहीं पीड़ित पिता की ओर से बुधवार को जिला जज के न्यायालय में रिवीजन भी दाखिल किया गया, जिस पर 12 अगस्त को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि जिला बदायूं स्थित इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गाँव नूरपुर पिनौनी निवासी एक जाटव परिवार की एक नाबालिग लड़की को गांव में ही किराये पर रह रहा विदलेश यादव उर्फ प्रवेश यादव निवासी रामपुर खादर थाना रजपुरा जिला संभल अपने दो अन्य साथियों की मदद से 23 अप्रैल को ले गया था। किशोरी के पीड़ित दलित माता-पिता ने अपनी बेटी के बेचे जाने की आशंका जताते हुए लड़की को बरामद कराने की गुहार लगाई थी, पर इस्लामनगर थाना पुलिस ने पीड़ित दंपत्ति की नहीं सुनी, तो पीड़ित ने मुख्यालय पर धरना दिया था। दबाव बनने पर पुलिस ने एक सप्ताह बाद 2 मई को मनमाने तरीके से मुकदमा दर्ज कर लिया, पर पुलिस ने कार्रवाई की गति तेज नहीं की।

इस्लामनगर थाना पुलिस ने उच्च स्तरीय दबाव बनने पर लड़की को बरामद कर लिया और मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अगले दिन जेल भेज दिया, लेकिन किशोरी को बदायूं स्थित महिला थाने में लाकर बंद कर दिया। आरोप है कि महिला थाने की एसओ अनीता मिश्रा, एसओ इस्लामनगर सतीश यादव और अन्य तमाम महिला पुलिस व पुरुष कर्मियों ने किशोरी को लगातार तरह-तरह से प्रताड़ित किया। इस बीच 10 जून को किशोरी ने महिला अस्पताल में मीडिया के समक्ष यह बता दिया कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है और उसे गुन्नौर विधान सभा क्षेत्र के सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव की बबराला स्थित कोठी में बंधक बना कर रखा गया था, यह खबर मीडिया में आते ही किशोरी और उसके परिवार की पुलिस ने दुर्गति करनी शुरू कर दी। यह भी आरोप है कि विधायक के दबाव में सीएमओ ने नाबालिग को बालिग करार दे दिया।

लड़की को बालिग सिद्ध करने के साथ पूरे प्रकरण को प्रेम प्रसंग दर्शाने में पुलिस सफल हो गई, जिससे मुख्य आरोपी भी जेल से रिहा हो गया, जिसके बाद पीड़ित किशोरी के पिता ने 14 जुलाई को बदायूं स्थित सीजेएम के न्यायालय में वाद दायर कर दिया, जिसमें प्रवेश यादव, उसकी पत्नी और उसके दो रिश्तेदार, सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव, एसओ इस्लामनगर सतीश यादव, एसओ महिला थाना सुनीता मिश्रा और सीएमओ डा. एसपी अग्रवाल सहित दस लोगों पर विभिन्न तरीकों से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है।

सीजेएम न्यायालय ने 26 जुलाई को पुलिस से प्रगति रिपोर्ट तलब करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 6 अगस्त निश्चित की थी। बुधवार तक पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट नहीं भेजी, जिससे अदालत ने आदेश सुरक्षित कर लिया। दूसरी ओर पीड़ित पिता ने बुधवार को ही अदालत के पिछले आदेश के विरुद्ध जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दायर किया। पिता का कहना है कि पुलिस द्वारा पेश किये गये गलत तथ्यों के चलते उसके साथ अन्याय हुआ है। प्रभारी जिला जज हरिहर सिंह यादव ने 12 अगस्त की तारीख निश्चित की है।

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