आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास

शिलान्यास के अवसर पर बोलते सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव।
शिलान्यास के अवसर पर बोलते सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को खुशहाली का रास्ता बताते हुए कहा कि यह मार्ग राज्य के दो प्रमुख नगरों की दूरियां कम करेगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र का विकास दोगुनी रफ्तार से होता है, तो उस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था तिगुनी रफ्तार से आगे बढ़ती है। राज्य सरकार के लिए यह अत्यन्त महत्वपूर्ण परियोजना इसलिए है, क्योंकि इसके माध्यम से अनेक जिले जैसे-आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई एवं लखनऊ एक-दूसरे से तीव्रगामी सड़क यातायात से जुड़ जाएंगे और इन जिलों के तमाम गांव इससे लाभान्वित होंगे। लगभग 15,000 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण राज्य सरकार अपने संसाधनों से करेगी। उन्होंने कहा कि जब सड़क बनती है, तो विकास की गतिविधि अपने आप शुरू हो जाती है।
मुख्यमंत्री आज लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर आयोजित आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित 06 लेन एक्सप्रेस-वे (ग्रीनफील्ड) के शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में बटन दबाकर इस परियोजना का शिलान्यास किया। इस अवसर पर परियोजना के लिए महत्वपूर्ण दो पुलों का शिलान्यास भी किया गया, जिनके जरिए यह एक्सप्रेस-वे यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर परियोजना के ‘लोगो’ का अनावरण किया। ज्ञातव्य है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट अथाॅरिटी (यूपीडा) द्वारा कराया जा रहा है। राज्य सेतु निगम परियोजना से जुड़े दो सेतुओं का निर्माण करेगा।
श्री यादव ने कहा कि यह देश का सबसे लम्बा प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे होगा। इस योजना से न केवल उत्तर प्रदेश के दो महत्वपूर्ण शहर एक-दूसरे से जुड़ेंगे, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली और प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीच की दूरी भी कम होगी और यात्रा के समय में काफी कटौती हो जाएगी। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे अत्यन्त पिछड़े इलाकों से गुजरेगा। इसके बन जाने से सम्बन्धित क्षेत्रों में वैसी खुशहाली आएगी, जैसी कि जी0टी0 रोड और एन0एच0-2 के आस-पास के क्षेत्रों में दिखाई पड़ती है।
श्री यादव ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के समानान्तर ही विभिन्न प्रकार की मण्डियों जैसे, आलू मण्डी, दूध मण्डी, अनाज मण्डी, फल-सब्जी मण्डी आदि का भी विकास किया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और सही कीमत मिल सके। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और गांवों में खुशहाली आएगी। यह एक्सप्रेस-वे विभिन्न लघु उद्योगों एवं हस्तशिल्पियों, छोटे व्यापारियों इत्यादि के लिए भी वरदान साबित होगा, क्योंकि इसके पूरे होने के उपरान्त वे भी अपने उत्पाद बाजार तक त्वरित गति से पहुंचा सकेंगे। किसानों और छोटे कारोबारियों को बाजार की सीधी सुविधा मिल जाने से उन्हें बिचैलियों के चंगुल से छुटकारा मिलेगा। साथ ही, महंगाई में कमी भी आएगी, क्योंकि विभिन्न उत्पाद बिना हानि के समय से बाजार में उपलब्ध हो सकेंगे। एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो जाने पर इलाके के औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना इसलिए मूर्त रूप ले सकी, क्योंकि इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण में किसानों ने अपना भरपूर सहयोग दिया। इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि में से अधिकांश का अधिग्रहण किया जा चुका है और इसी वजह से आज से इस परियोजना पर कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस परियोजना को पूर्ण करने की जिम्मेदारी जिन निर्माणकर्ताओं को दी गई है, वे इसे पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण करेंगे। साथ ही, परियोजना से जुड़े पुलों का निर्माण भी त्वरित गति से किया जाएगा।
इस मौके पर पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लखनऊ, उन्नाव, फिरोजाबाद, कन्नौज, आगरा इत्यादि जिलों की जनता को बहुत लाभ मिलेगा और यहां के गरीबों का आर्थिक विकास भी होगा। उन्होंने इस परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि यदि परियोजनाएं समय से पूरी की जाएं, तभी जनता को इसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकारें हमेशा जनता की भलाई के लिए ही योजनाएं बनाती हैं और उसके आर्थिक उत्थान के रास्ते खोलती हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह योजना समय से पूर्ण होगी और किसानों, गरीबों, कामगारों इत्यादि को इसका लाभ मिलेगा। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस परियोजना से प्रदेश में अभूतपूर्व परिवर्तन आएगा। इसके बनने से किसानों और गरीबों को बहुत मदद मिलेगी और उनका आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे हैण्डीक्राफ्ट्स को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश सरकार लगातार राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में कई जगहों पर मेट्रो रेल परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में बिजली की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कई कार्य किए हैं। राजस्व परिषद के अध्यक्ष जावेद उस्मानी तथा प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास संजीव सरन ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने कहा कि परियोजना के शिलान्यास के साथ ही 05 स्थलों लखनऊ, उन्नाव, फिरोजाबाद, कन्नौज तथा आगरा में कार्य आरम्भ हो गया है। उन्होंने कहा कि विगत 06 माह की अल्प अवधि में परियोजना के लिए लगभग 7,000 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह परियोजना अगले 22 महीनों में पूर्ण कर ली जाएगी।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री अहमद हसन, राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, पारस नाथ यादव, राजेन्द्र चौधरी, अम्बिका चौधरी, नारद राय, बलराम यादव, ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, रघुराज प्रताप सिंह ‘‘राजा भइया’’ इत्यादि भी मौजूद थे। इस अवसर पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेयी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण के0एस0 अटोरिया, सूचना निदेशक तथा यूपीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशुतोष निरंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 06 लेन का प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे देश का सबसे लम्बा ऐसा मार्ग होगा। इसके पूर्ण होने के उपरान्त यात्रा का अनुमानित समय लगभग 04 घण्टे होगा। एक्सप्रेस-वे की लम्बाई 302 कि0मी0 व चौड़ाई 110 मी0 (06 लेन) होगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 08 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इस एक्सप्रेस-वे पर अधिकतम गति सीमा 120 कि0मी0 प्रति घण्टा होगी। यह आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई एवं लखनऊ को जोड़ेगा। इस परियोजना का विकास ई0पी0सी0 माॅडल के अंतर्गत प्रस्तावित है। इसमें 06 लेन का डिवाइडेड कैरिज वे, मुख्य यातायात मार्गों हेतु इण्टरचेन्जेज़, टोल्ड एक्सप्रेस-वे, पद यात्रियों तथा जानवरों हेतु अण्डर पास, सर्विस रोड, ग्रीन बेल्ट का प्राविधान, सड़क के दोनों ओर दो-दो स्थलों पर विश्राम गृह, पेट्रोल पम्प, सर्विस सेण्टर, भोजनालय इत्यादि का प्राविधान होगा। एक्सप्रेस-वे आगरा के ग्राम एतमादपुर मदरा से प्रारम्भ होकर लखनऊ जनपद के मोहान रोड स्थित ग्राम सरोसा-भरोसा पर समाप्त होगा। इसका निर्माण पांच पैकेजों में कराया जा रहा है।
जिन सेतुओं का आज शिलान्यास किया गया, उनमें से एक पुल यमुना नदी पर आगरा इनर रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत ग्राम महल बादशाह के निकट 08 लेन का होगा, जिसकी लागत लगभग 98.32 करोड़ रुपए होगी, जबकि दूसरा पुल दिल्ली, आगरा, कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एन0एच0 2) से फतेहाबाद तक आगरा इनर रिंग रोड परियोजना के अंतर्गत टूण्डला-यमुना ब्रिज रेल सेक्शन के रेलवे कि0मी0 1260/8 एवं कि0मी0 1260/10 पर कुबेरपुर के निकट होगा। यह उपरिगामी सेतु 08 लेन का होगा और इसकी लागत लगभग 146.2 करोड़ रुपए होगी। शिलान्यास से पूर्व इस परियोजना पर एक वृत्त चित्र भी दिखाया गया। परियोजना के ‘लोगो’ का डिजाइन काॅलेज आॅफ आर्कीटेक्चर, लखनऊ के शिक्षक श्री वैभव बख्शी द्वारा तैयार किया गया है।

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