कृषि विभाग के अफसरों ने हजम किया धन, किसान नदारद, बाबू रहा मौजूद

मेले में स्टॉल देखते मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष व दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव और हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन करती एक महिला कर्मी।
बदायूं में देश के भूत पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर आयोजित किया किसान मेला पूरी तरह फ्लॉप रहा। किसान सम्मान दिवस समारोह सिर्फ फंड हजम करने का माध्यम बन कर रह गया। किसान मेले से किसान पूरी तरह गायब नजर आये, लेकिन चर्चित बाबू कार्यक्रम में अपनी ब्रांडिंग करता हुआ दिखाई दिया। माना जा रहा था कि मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष व दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव फ्लॉप कार्यक्रम को देख कर भड़क उठेंगे, पर उन्होंने भी संबंधित अफसरों की फटकार नहीं लगाई।
भूत पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म दिवस किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस अवसर पर शुक्रवार को बदायूं क्लब परिसर में कृषि विभाग के तत्वावधान में किसान मेला भी अयोजित किया गया। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष व दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव ने किया, उन्होंने चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि मसीहा चौधरी चरण सिंह ने किसानों की उन्नति और सम्मान के लिए हमेशा संघर्ष किया, वह किसानों का गौरव स्थापित करने वाले एक सच्चे नागरिक थे, उनका सम्मान ही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। बनवारी सिंह यादव ने कहा कि किसान व्यवसाय समझकर नहीं, बल्कि धर्म मानते हुए बिना फायदे-नुकसान के खेती करता है, उसके परिश्रम और संघर्ष को नजर अंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक युग में किसान नवीन तकनीकी के आधार पर खेती कर अधिक उत्पादन से ज्यादा मुनाफा कमा सकता है।
किसान सम्मान दिवस में जिला स्तर पर मिनी एवं माइक्रो कामधेनु डेयरी योजना अन्तर्गत दुग्ध उत्पादन में मु. तारिक, मुकेश कुमार को प्रथम एवं राजभान सिंह, लतीफ हुसैन को द्वितीय, उद्यान में शाकिर अली को प्रथम चन्द्रपाल को द्वितीय गन्ना उत्पादन में राकेश सिंह को प्रथम तथा वीरेश कुमार को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। कृषि अन्तर्गत धान उत्पादन में राम भरोसे को प्रथम, ओम शंकर को द्वितीय सरसों में पंजाब सिंह को प्रथम, रामगुप्ता को द्वितीय उर्द उत्पादन में धनदेवी को प्रथम, रामवती को द्वितीय, गेहूं उत्पादन में सुरेश चन्द्र को प्रथम तथा शान्ति देवी को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। जिला स्तर पर 16, ब्लॉक स्तर पर 75 पुरस्कार वितरित किए गए। प्रथम स्थान प्राप्त करने वालों को सात-सात हजार तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले कृषकों को पांच-पांच हजार कुल 91 कृषको को दो लाख 46 हजार रूपए के पुरस्कार वितरित किए गए। ब्लॉक स्तरीय कृषि, पशुपालन, गन्ना विकास, उद्यान एवं मत्स्य अन्तर्गत 15-15, कुल 75 किसानों को भी प्रशस्ति पत्र और प्रति किसान दो-दो हजार रूपए पुरस्कार स्वरूप दिए गए। जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार स्वरूप 7000 रुपए एवं द्वितीय 5000 रुपए तथा ब्लॉक स्तर पर 2000 रुपए की धनराशि बैंक खाते में भेजी जाएगी। दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव ने स्टॉल का निरीक्षण भी किया एवं उत्पादन में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले कृषकों को राज्यमंत्री ने पुरस्कार वितरित किए।
खाली कुर्सियों के बीच बैठा एक मात्र किसान सो गया।
कार्यक्रम स्थल पर खाली नजर आती कर्सियां।
मुख्य विकास अधिकारी अच्छे लाल सिंह यादव ने बरेली से आए संयुक्त कृषि निदेशक सत्यवीर सिंह के साथ लगाई गई कृषि प्रदर्शनियों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। मेले में विभिन्न विभागों तथा निजी संस्थाओं द्वारा कृषि यन्त्रों, खाद, बीज, कीटनाशकों के स्टाल भी लगाए गए। कृषि वैज्ञानिकों ने कृषकों को नवीन तकनीकी जानकारियां भी उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम में पुरस्कार पाने वाले किसानों, वीवीआईपी अथिति के अलावा सिर्फ उप निदेशक कृषि प्रसार आरपी चौधरी, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी आर के सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एके जादौन, जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी, जिला उद्यान अधिकारी आरएन वर्मा, भूमि संरक्षण अधिकारी नरेन्द्र पाल यादव, सहायक निबंधक सहकारी समितियाँ अम्बिका प्रसाद यादव मौजूद रहे। आम किसानों को न सूचित किया गया और न ही किसानों ने भागीदारी की।
सीडीओ के पीछे मंच पर बैठा बाबू अक्षत अशेष।
सीडीओ के पीछे अर्दली की तरह खड़ा बाबू अक्षत अशेष।
कार्यक्रम स्थल पर पड़ी कुर्सियां अंत तक खाली ही रहीं। पुरस्कार पाने वाले किसानों के साथ आये एक-दो किसान ही नजर आये और वे भी सोते दिखाई हुए। कार्यक्रम के आयोजन के लिए निर्धारित धन को विभागीय अफसर मिल कर हजम कर गये, इसकी जाँच हुई, तो लापरवाह और भष्ट अफसर कार्रवाई से बच नहीं पायेंगे, इस सबके बीच दास कॉलेज का चर्चित बाबू अक्षत अशेष समारोह में मौजूद रहा और अफसरों की चमचागीरी करता रहा, साथ ही मंच पर भी बिना बुलाये जमा रहा।
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