डॉक्टर मस्त और मरीज त्रस्त, एडीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

जिला अस्पताल में छापे के दौरान एक मरीज से बात करते अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव।
जिला अस्पताल में छापे के दौरान एक मरीज से बात करते अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव।

बदायूं में जिला चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। चिकित्सकों की मनमानी के सामने प्रभारी सीएमएस भी बौने साबित हो रहे है। 9.10 बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ और दन्त चिकित्सक के अलावा ओपीडी में कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं पाया गया।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अशोक कुमार श्रीवास्तव एवं उप जिलाधिकारी सदर/प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार यादव ने शनिवार को जिलाधिकारी शम्भूनाथ के आदेश पर आकस्मिक रूप से जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया, तो पाया कि मरीज ओपीडी में परेशान हैं और चिकित्सकों का कोई अता पता नहीं था। यहां तक कि चर्म रोग विशेषज्ञ/प्रभारी सीएमएस ओपीडी रूम में मौजूद नहीं थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर रियाज अहमद को छुट्टी पर बताया गया और कहा वह जिला मुख्यालय पर न रहकर बरेली से रोज अप-डाउन करते हैं। जज्चा-बच्चा टीकाकरण रूम भी बन्द मिला।
राजकीय यूनानी चिकित्सालय में 9.46 बजे तक डाक्टर मौजूद नहीं थे। हालांकि बाद में वह आ गए थे। कुर्सियां इस हद तक टूटी हुईं थीं कि उनके नीचे स्टूल लगाकर मरीजों को बैठाया जाता है। जिला होम्योपैथी अधिकारी भी गैर हाजिर पाए गए। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सालय की दशा तो और भी बदसे बदतर पाई गई, यहाँ चपरासी दवा बांटता पाया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी चिकित्सा अधिकारी सुषमा शर्मा नदारद मिलीं। एडीएम ने जब कमरे की चाबी मांगी, तो चपरासी मंगल सेन गंगवार ने कह दिया कि चाबी उन्हीं के पास है, इसपर एडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कमरे को सील करने के निर्देश दे डाले। ब्लड बैंक में स्टाफ नर्स मीना सिंह भी नदारद मिली। ब्लड बैंक में मौजूद स्टाफ ने बताया कि वह अपनी मर्जी के अनुसार ही आती जाती हैं।
सबसे घोर लापरवाही तो पैथालोजी में पकड़ी गई। जिन मरीजों का ब्लड टेस्ट एवं एक्स-रे आदि के लिए चिकित्सकों द्वारा लिखा गया था, उन सभी पर्चों पर किसी चिकित्सक के हस्ताक्षर ही नहीं थे। एडीएम ने इस स्थिति को देखते हुए प्रभारी सीएमएस की क्लास लेते हुए कहा कि किसी प्रकार की अनहोनी होने पर इसका पता ही नहीं चलेगा कि किस डाक्टर ने पर्चा लिखा है और इसकी जिम्मेदारी लेने को कोई चिकित्सक तैयार नहीं होगा।
जिला चिकित्सालय में डा. एपी गौतम, डा. सुधारानी, डा. अनिल पाराशर, एलटी डीके शुक्ला, एक्स-रे टेक्नीशियन जय प्रकाश यादव, इलेक्ट्रीशियन दिग्विजय सिंह, वार्ड वाय गोवर्धन, अतिया बेगम, चौकीदार दिनेश, पोशाकी लाल, एस.सी. महेश, राजवीर सिंह, श्याम लाल तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी असलम हुसैन चालू माह में निरन्तर अनुपस्थित चल रहे हैं।
जिला अस्पताल पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन प्रभारी सीएमएस द्वारा कई चिकित्सक छुट्टी पर बताए गए। एक साथ कई चिकित्सकों के छुट्टी पर होना एक सवालिया पहेली है। जो चिकित्सक/अन्य स्टाफ उपस्थित नहीं पाया गया, उन सभी का आज का वेतन काटा जायेगा। और आगे की कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर उनके आदेशानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एडीएम ने मरीजों से भी वार्ता की और अंजान, इधर-उधर घूमने वालों पर भी नजर रखते हुए उनसे भी उनके काम के बारे में पूछताछ की।

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