डॉ. हरपाल सिंह जीवित घोषित, चिकित्साधीक्षक व डिप्टी सीएमओ भी बने

डॉ. हरपाल सिंह।

बदायूं जिले के लोगों के लिए खुशखबरी है, उनके चहेते डॉक्टर हरपाल सिंह को शासन ने न सिर्फ जीवित मान लिया है, बल्कि पदोन्नति देते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय अधीक्षक और उप मुख्य चिकित्साधिकारी भी बना दिया है। डॉ. हरपाल सिंह उच्च न्यायालय की शरण में गये थे। न्यायालय के आदेश पर ही उन्हें लाभ मिला है।

उल्लेखनीय है कि बदायूं स्थित जिला चिकित्सालय में फिजीशियन के रूप में तैनात डॉ. हरपाल सिंह को लखनऊ स्थित चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने मृत घोषित कर दिया था, इसका खुलासा तब हुआ, जब जनवरी- 2017 में प्रमोशन की लिस्ट जारी की गई। लिस्ट में नाम न होने पर हरपाल सिंह ने लखनऊ संपर्क किया, तो उन्हें बताया कि वे तो मृतक घोषित किये जा चुके हैं, उन्होंने आपत्ति की, तो भी विभाग ने न दोषियों को दंडित किया और न ही हरपाल सिंह को जीवित माना। छानबीन के बाद पता चल गया कि मेरठ में जेल के अंदर अस्पताल में हरपाल सिंह नाम के एक डॉक्टर तैनात थे, जिनकी वर्ष- 2011 में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी, उनकी जगह जीवित हरपाल सिंह को भी मृत दर्शा दिया गया था, लेकिन हरपाल सिंह को प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था एवं प्रत्येक छः महीने पर मुख्यालय को रिपोर्ट भी भेजी जाती है, इसके बावजूद न गलती पकड़ में नहीं आई और न ही बाद में सुधार हुआ।

विभाग से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर डॉ. हरपाल सिंह उच्च न्यायालय- इलाहाबाद की शरण में चले गये, जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने विभाग को आदेश दिया कि हरपाल सिंह को न सिर्फ जीवित माना जाये, बल्कि उनका विधिवत प्रमोशन भी किया जाये, जिसके अनुपालन में विभाग ने हरपाल सिंह को ग्रेड- 4 में पदोन्नति देते हुए जिला चिकित्सालय में ही अधीक्षक और उप मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात कर दिया है।

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