खुलासा: बेटी की हत्या की सहानुभूति में रच दी बेटे के अपहरण की फर्जी वारदात

जफर

बदायूं जिले में एक से बढ़ कर एक शातिर लोग हैं, लेकिन पुलिस उनका खुलासा कर ही देती है। बेटी की हत्या की सहानुभूति की आड़ में बेटे के अपहरण की फर्जी घटना तैयार कर ली, लेकिन पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर ही घटना का खुलासा कर दिया।

उल्लेखनीय है कि बिल्सी थाना क्षेत्र के गाँव परौली निवासी रहमान का कहना है कि वर्ष- 2016 में कासगंज में स्थित मोहल्ला बट्टूनगर निवासी वकील से उसकी बेटी नाजिश का निकाह हुआ था। दहेज से नाखुश वकील और उसके माता-पिता ने 25 मई 2017 को नाजिश की हत्या कर दी, जिसका मुकदमा कासगंज स्थित कोतवाली में दर्ज है और तीनों आरोपी जेल में हैं। उक्त प्रकरण में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। दो दिन पूर्व आकर वकील का बड़ा भाई युसूफ समझौता करने का दबाव बना रहा था, लेकिन समझौता करने से स्पष्ट मना कर दिया गया, जिसकी रंजिश में बीती रात आधा दर्जन से अधिक बदमाश आये, जिनमें युसूफ को पहचान लिया। बदमाशों ने लूटपाट की, साथ ही जफर (20) को उठा ले गये, साथ ही पीड़ित ने जफर की हत्या होने की आशंका जताई।

उक्त घटना की जानकारी पुलिस को मिली, तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एएसपी (ग्रामीण) के नेतृत्व में बिल्सी के अलावा थाना मुजरिया, थाना इस्लामनगर, थाना फैजगंज बेहटा और थाना उघैती पुलिस ने कांबिंग की, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रप्रकाश ने घटना स्थल का दौरा किया और पीड़ित पक्ष को आश्वस्त किया कि उनका बेटा खोज लिया जायेगा, उन्होंने अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं कि जफर की बरामदगी की जाये। पुलिस ने युसूफ व 6 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने जांच शुरू की, तो घटना फर्जी पाई गई। पुलिस जंगल से जफर को बरामद भी कर लिया है।

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