एसएसपी ने एसओ से पूछा कि राम राज्य आ गया है?

थाना बिनावर में एसओ से बात करते डीएम शंभूनाथ और एसएसपी संतोष कुमार सिंह।
थाना बिनावर में एसओ से बात करते डीएम शंभूनाथ और एसएसपी संतोष कुमार सिंह।

बदायूं के जिलाधिकारी शम्भू नाथ एवं एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने थाना बिनावर में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लिया लिया। जिलाधिकारी ने माह जुलाई की तीन एवं अगस्त की एक शिकायत निस्तारण हेतु लंबित पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई और शिकायतों/समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्ता पूर्वक आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी एवं एसएसपी माह के तृतीय शानिवार को थाना बिनावर पहुंचकर सामाधान दिवस में सम्मिलित हुए। उक्त दोनों अधिकारियों के समाधान दिवस में रुकने तक मात्र दो शिकायतें ग्राम रहमा की शम्मों तथा ग्राम रफियाबाद के राजेश कुमार की भूमि विवाद से सम्बंधित प्राप्त हुईं, जिस पर डीएम, एसएसपी ने दोंनों पक्षों को बुलाकर आपसी सलाह समझौते के आधार पर समस्या का समाधान कराने की हिदायत दी है।
जिलाधिकारी द्वारा लेखपालों की अनुपस्थिति के सम्बन्ध में जानकारी करने पर बताया कि लेखपाल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रान्तीय आह्वान पर हड़ताल पर हैं। जिलाधिकारी ने गत समाधान दिवसों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा में पाया कि माह जुलाई में आयोजित समाधान दिवसों की तीन तथा गत दो अगस्त को आयोजित समाधान दिवस की एक शिकायत कुल चार शिकायतें निस्तारण हेतु लंबित हैं। जिलाधिकारी ने शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने बिनावर थाने के थाना अध्यक्ष मेराज अली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गत समाधान दिवसों में मात्र दो से तीन प्रार्थना पत्र ही प्राप्त हुए हैं, इससे ऐसा प्रतीत होता है कि या तो समाधान दिवस में प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों का पंजिका में अंकन नहीं किया जा रहा है अथवा राम राज्य है कि अब किसी को कोई शिकायत ही नहीं रही है। उन्होंने इस स्थिति पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस प्रकार सामधान दिवस आयोजन का उद्देश्य सार्थक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी नई परम्परा नहीं डालने दी जाएगी। उन्होने कहा कि असमाजिक तत्वों, लड़ाई-झगड़ा करने वालों के विरूद्ध 107/16 तथा गुण्ड़ा एक्ट की कार्रवाई अवश्यक अमल में लाई जाए।

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