अवैध कमाई के हिस्सा बाँट को लेकर एआरटीओ को वरिष्ठ लिपिक ने पीटा

अवैध कमाई के हिस्सा बाँट को लेकर एआरटीओ को वरिष्ठ लिपिक ने पीटा

बदायूं का उप संभागीय परिवहन कार्यालय भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है, यहाँ सब कुछ खुलेआम होता रहता है, लेकिन वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर सवाल तक नहीं पूछते। बाबूगीरी का आलम यह है कि उनसे कोई कुछ कह दे, तो वे कुछ भी कर सकते हैं। कई बाबुओं का नेटवर्क अंतर्राज्जीय स्तर का है, वे प्रदेश भर में डग्गामारी कराते हैं, जिससे अकूत अवैध कमाई होती है। हिस्से को बांटने को लेकर वरिष्ठ अफसर से एक बाबू भिड़ गया, उसने मारपीट कर दी, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

बताते हैं कि बुधवार को एआरटीओ (प्रशासन) एमसी शर्मा से वरिष्ठ लिपिक दलवीर भिड़ गया और उन्हें पीटने लगा। एमसी शर्मा कुछ समझ पाते, तब तक दलवीर ने कई थप्पड़ जड़ दिए। अन्य कर्मचारियों ने दौड़ कर बीच-बचाव किया, फिर भी काफी देर तक गालियाँ देता रहा। बताते हैं कि कार्यालय में होने वाली अवैध कमाई को बांटने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। चूँकि रूपये लिपिक के माध्यम से आते हैं, सो वह बेईमानी कर रहा था। घटना के चलते कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूत्रों का यह भी कहना है कि एमसी शर्मा ने लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पत्र लिख दिया है। घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि एआरटीओ में कई ऐसे बाबू हैं, जिनका नेटवर्क अंतर्राज्जीय स्तर का है, इन बाबुओं की मिलीभगत से प्रदेश भर डग्गामार बसें दौड़ती हैं। सूत्रों का कहना है कि कहीं कोई बस पकड़ जाये, तो यह बाबू एक दिन का परमिट जारी कर तत्काल दे देते हैं, जिससे बस और बस स्वामी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो पाती, ऐसे बाबुओं ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है, जिससे एआरटीओ में भ्रष्टाचार का राक्षस सबसे ज्यादा फल-फूल रहा है।

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