जल बचाव अभियान के तहत 65 लाख से बनेंगे तीन चेक डैम

मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान की समीक्षा करते जिलाधिकारी शम्भूनाथ एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा।
मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान की समीक्षा करते जिलाधिकारी शम्भूनाथ एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा।
बदायूं जिले में ब्लाक बिसौली अन्तर्गत मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान के तहत जल संचयन हेतु अरिल नदी पर जल निगम द्वारा 65 लाख की लागत से तीन चेक डैम बनाए जाएंगे। शहरी एवं नगरीय क्षेत्रों में अब किसी भी भवन का नक्शा रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग के बिना पास नहीं किया जायेगा। तालाबों, पोखरों आदि से अनाधिकृत कब्जे हटाकर लाल रंग के खम्भे लगाए जाने के साथ ही शिलापट भी लगाया जाएगा, जिस पर क्षेत्रफल सहित अन्य विवरण लिखा रहेगा।
शनिवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी शम्भूनाथ एवं मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री जल बचाव अभियान की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी एवं शहरी एवं नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत तालाबों, पोखरों, नालों, कुओं आदि का चिन्हीकरण कर के सूची तैयार कर लें और जिन तालाबों को गहरा करना है, उनकी खुदाई करायें तथा उनमें पानी भरवाने की व्यवस्था करें। डार्क जोन ब्लाक अम्बियापुर, इस्लामनगर, आसफपुर एवं सहसवान में जल संचयन, वर्षा जल संचयन, भू-जल की गिरावट, जल संरक्षण हेतु विशेष कार्ययोजना बनाई जायेगी। अरिल, महावा, सोत तथा भैंसोर आदि विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने हेतु योजना तैयार की जायेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी निजी भवन का रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान किए बिना कोई भी नक्शा पास न किया जाये। सरकारी भवनों में भी रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली का प्रावधान अवश्य किया जाये।
जल संचयन हेतु जल निगम द्वारा ब्लाक बिसौली अन्तर्गत अरिल नदी पर 65 लाख की लागत से तीन चेक डैम बनाए जायेंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियन्ता जल निगम आरके गुप्ता से जानकारी हासिल की, तो उन्होंने बताया कि भेजे गए प्रस्ताव में कुछ खामियां रहने से आपत्ति लग गई है। जिलाधिकारी ने शीघ्र ही आपत्तियों का निराकरण करते हुए पुनः प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए हैं, इसके अलावा लघु सिंचाई विभाग द्वारा 11 एवं यूपी पीसीएल द्वारा भी चेक डैम बनाए जायेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने उद्यान एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को अतिदोहित एवं क्रिटिकल ब्लाकों में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर, सिंचाई प्रणाली हेतु कृषकों का चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा जल बचाने हेतु कृषकों से अपील की है कि वह अपने अपने खेतों की मेड़बंदी अवश्य करें। बैठक में डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामरक्ष पाल, जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोम, अधिशासी अभियन्ता बाढ़ खण्ड डीके जैन, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई एनसी सक्सेना सहित अधिशासी अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

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