जिला प्रशासन के संरक्षण के चलते विधायक पर भी भारी पड़ा ईओ संजय तिवारी

कुख्यात ईओ संजय तिवारी की निजी कार।

बदायूं जिले की नगर निकायों में भ्रष्टाचार चरम पर है। जिला स्तर से लूट की पूरी छूट दे दी गई है। संजय तिवारी नाम के ईओ के कार्य और व्यवहार से आम जनता त्राहि-त्राहि कर उठी है। भाजपा विधायक ने छापा मार कर असंतोष प्रकट करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी, इसके बावजूद संजय तिवारी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

उल्लेखनीय है कि संजय तिवारी को घोटालों वाला ईओ कहा जाता है, इस कुख्यात ईओ संजय तिवारी ने नगर पालिका सहसवान में करोड़ों रुपयों का हेर-फेर किया है। शीतल प्याऊ के नाम पर बड़ा घोटाला किया है, अच्छी-भली सड़कों को उखड़वा कर उनके निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपया डकार लिया गया है, सफाई का फर्जी टेंडर निकाल कर बड़ा घोटाला कर चुका है, इस सबका गौतम संदेश ने खुलासा किया था, जिसके बाद सहसवान में अधिशासी अधिकारी के रूप में अशोक गोयल को तैनात कर दिया गया।

संजय तिवारी की उझानी में मूल तैनाती है, इसके अलावा संजय तिवारी को छवि खराब होने के बावजूद ककराला, अलापुर और सखानूं का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया है। संजय तिवारी न उझानी आते हैं और न ही किसी अन्य नगर पंचायत में जाते हैं, वे बरेली में रहते हैं, जबकि एचआरए भी हजम किया जा रहा है। कुख्यात संजय तिवारी निजी गनर रखते हैं और निजी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार लिख कर वीवीआईपी की तरह कभी-कभार हैं।

उझानी में एपीजे अब्दुल कलाम योजना के तहत लगाई गईं सौर ऊर्जा लाइटों में बड़ा घोटाला किया गया है, साथ ही अन्य तमाम अनियमिततायें चरम पर हैं, इस सबकी शिकायत कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक आरके शर्मा से की, तो उन्होंने नगर पालिका कार्यालय का निरीक्षण किया, उन्हें बताया गया कि ईओ सखानूं में हैं, तो उन्होंने वहां भी पता कराया। संजय तिवारी किसी नगर पंचायत में नहीं थे, जिसके बाद विधायक ने अनुपस्थिति लगाते हुए घोटालों की जाँच कराने की संस्तुति की, लेकिन अभी तक प्रशासनिक अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि संजय तिवारी के कार्यकाल की विधिवत जाँच हो जाये, तो यह सलाखों के पीछे ही नजर आयेगा।

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