भाजपा सरकार में भी तूती बोल रही है सपा के चहेते ललितेश और मुकेश की

मुकेश जौहरी एवं ललितेश सक्सेना।

बदायूं जिले की नगर निकायों में चोरी तो पहले से ही की जा रही थी, लेकिन अब निकायों को बड़े स्तर पर लूटने की तैयारी चल रही है। कर निर्धारण अधिकारी ललितेश सक्सेना ने दो जगह प्रशासक का दायित्व हथिया लिया है एवं अपने चहेते चपरासी को लेखाकार बनवा लिया है, इसी तरह निदेशालय में भ्रष्ट बाबुओं से मिल कर ईओ का तबादला कराने में सफल रहे नलकूप ऑपरेटर मुकेश जौहरी ने भी दो जगह प्रशासक का दायित्व हथिया लिया है, इन सबका संरक्षक टीएसी अविनाश सक्सेना अब एलबीसी बन गया है, जिससे अब नगर पालिकाओं में भी वही सब होने लगेगा, जो अब तक नगर पंचायतों में होता रहा है।

उल्लेखनीय है कि गिरधारी लाल व अन्य बनाम राज्य सरकार रिट याचिका संख्या- 47309/13 पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा स्पष्ट आदेश दिया जा चुका है कि अधिशासी अधिकारी न होने की दशा में अतिरिक्त कार्यभार सिर्फ अधिशासी अधिकारी को ही दिया जाये, इस आदेश के क्रम में 2 जून 2017 को ही नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अतिरिक्त कार्यभार सिर्फ अधिशासी अधिकारियों को ही दिया जाये एवं नियम विरुद्ध दिए गये कार्यभार तत्काल प्रभाव से निरस्त किये जाते हैं, इसके बावजूद बदायूं नगर पालिका परिषद में कर निर्धारण अधिकारी के पद पर तैनात ललितेश सक्सेना को रुदायन और उसावां नगर पंचायत में ईओ का कार्यभार दे दिया गया, जो कि अब प्रशासक है, जबकि ललितेश सक्सेना का वेतन कर निर्धारण अधिकारी के रूप में बदायूं नगर पालिका परिषद से आहरित होता है। चौंकाने वाली बात यह है कि ललितेश ने अपने चहेते स्वजातीय चपरासी सचिन सक्सेना को उसावां में संबंध कर लेखाकार बना लिया है, जिससे दोनों मिल कर सरकारी धन का बंदरबांट कर लेंगे।

मुकेश जौहरी नाम का कुख्यात भ्रष्ट व्यक्ति जिले का सबसे बड़ा लुटेरा है, यह बरेली जिले की नगर पंचायत दियोरनियाँ में ट्यूबवैल ऑपरेटर के पद पर नियुक्त हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार के बल पर 12 वर्षों से बदायूं जिले में ईओ का दायित्व हथियाये हुए हैं। सरकार बदलने के बाद इसके विरुद्ध कार्रवाई होना तय मानी जा रही थी, लेकिन उससे मुकेश जौहरी भाजपा नेताओं की गोद में बैठ गया। फैजगंज बेहटा में शासन ने ईओ की तैनाती कर दी, पर भाजपा नेताओं और निदेशालय के भ्रष्ट बाबुओं के सहारे इसने ईओ का तबादला करा दिया और फिर फैजगंज बेहटा एवं बिल्सी के प्रशासक के दायित्व पर कुंडली मार कर बैठ गया। यह भी बता दें कि सपा के पूर्व विधायक के साझे स्कूल चलाने वाला मुकेश जौहरी भाजपाईयों का भी विश्सनीय बन गया है।

सूत्रों का कहना है कि ललितेश और मुकेश पिछली तिथियों में लखनऊ और दिल्ली से प्रकाशित अखबारों में टेंडर प्रकाशित करा रहे हैं, क्योंकि 1 सितंबर से ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। फर्जी टेंडर निकाल कर यह दोनों करोड़ों रुपया ठिकाने लगाने की तैयारी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों का सबसे बड़ा संरक्षक टीएसी अविनाश सक्सेना है, जो अब प्रमोशन के बाद एलबीसी बना दिया गया है। अविनाश 12 वर्षों से टीएसी था, इस दौरान नगर पंचायतों में भ्रष्टाचार के राक्षस की जड़ें अंदर तक बैठ गईं, इसी तरह अब नगर पालिकाओं को लूटा जायेगा।

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