मुख्यमंत्री ने वातानुकूलित एम्बुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाई

उन्नाव के संदीप कुमार (चालक) को एम्बुलेंस की चाभी सौंपते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उन्नाव के संदीप कुमार (चालक) को एम्बुलेंस की चाभी सौंपते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस (एन.ए.एस.) के तहत 300 वातानुकूलित एम्बुलेंस को हरी झण्डी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह समर्पित इस एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु को नज़दीकी स्वास्थ्य केन्द्र तक लाने और ले जाने की निःशुल्क सुविधा प्रदान की गई है। मस्तिष्क ज्वर से प्रभावित गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल को इस सेवा से पूरी तरह आच्छादित किया गया, ताकि आवश्यकतानुसार बीमार बच्चों को समय से इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन एवं उनकी विभागीय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विगत लगभग ढाई वर्ष में प्रदेश द्वारा इतनी एम्बुलेंस चलाई गईं, जितना किसी अन्य प्रदेश के द्वारा कभी नहीं चलाई गईं। 108 समाजवादी स्वास्थ्य सेवा तथा ‘102’ एन.ए.एस. के तहत संचालित एम्बुलेंस को सम्मिलित करते हुए सम्भवतः प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग देश की सबसे बड़ी एम्बुलेंस सेवा प्रदान कर रहा है। प्रदेश की जनता का राज्य सरकार द्वारा संचालित एम्बुलेंस सेवा में भरोसा बढ़ा है और लोग महसूस करते हैं कि संकट के समय यह सेवा निश्चित रूप से उपलब्ध होगी।
श्री यादव ने स्वास्थ्य विभाग को सीधे जनता से जुड़ा विभाग बताते हुए कहा कि राजकीय अस्पतालों में लोगों की बढ़ती संख्या से स्पष्ट होता है कि इस विभाग में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से जनता को लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनता को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने मुफ्त दवाएं, एक्स-रे तथा जांच की निःशुल्क सुविधा का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के इन प्रयासों के चलते राज्य के हेल्थ पैरामीटर में काफी सुधार आया है। उन्होंने कहा कि हेल्थ पैरामीटर में आए सुधार को दुनिया में इस क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं ने भी सराहा है। स्वास्थ्य मानकों में सुधार एक दिन में नहीं होता, बल्कि इसके लिए लगातार प्रयास करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ी आबादी वाला राज्य है। इसीलिए जब तक इस राज्य के आंकड़े ठीक नहीं होते तब तक देश के आंकड़ें में सुधार सम्भव नहीं होगा।
प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में कार्य करने वाले सरकारी चिकित्सकों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। पुराने जिला अस्पतालों एवं चिकित्सा केन्द्रों में पर्याप्त जगह न रहने के कारण इलाज के लिए आने वाले लोगों को बैठने तक की सुविधा नहीं मिल पाती है। इसीलिए राज्य सरकार ने जिला अस्पतालों में मरीजों को बैठने के लिए सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
श्री यादव ने 102 एम्बुलेंस सेवा की चर्चा करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए समर्पित इस सेवा के माध्यम से नवजात बच्चे को 01 वर्ष तक की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सेवा के तहत संचालित हो रही एम्बुलेंसों में जनरल पैकेट रेडियो सर्विस (जी.पी.आर.एस.) एवं जियोग्राफिकल इन्फाॅर्मेशन सिस्टम (जी.आई.एस.) की व्यवस्था होने से पारदर्शिता आएगी। देश के सभी जनपदों में संचालित होने वाली इस सेवा में तकनीक का भरपूर प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सेवा के साथ-साथ प्रदेश के बेरोजगार नवयुवक एवं युवतियों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सेवा से दूर-दराज के गांवों के लोगों तथा गरीबों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने उन्नाव के संदीप कुमार (चालक) को एम्बुलेंस की चाभी तथा अलीगढ़ के शान मोहम्मद (ई.एम.टी.) को आपात सेवा हेतु फस्र्ट ऐड बाॅक्स प्रदान किया। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा 17 जनवरी, 2014 को ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस का शुभारम्भ किया जा चुका है।
इस अवसर पर मीडिया द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे के संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से तैयार है। किसानों को हर सम्भव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। बुन्देलखण्ड क्षेत्र की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की परिस्थितियों को देखते हुए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति से केन्द्र सरकार को भी अवगत कराया जाएगा।
इस मौके पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अहमद हसन ने कहा कि 102 एम्बुलेंस सेवा में अगले 03 माह में 700 एम्बुलेंस और शामिल हो जाएंगी। इस प्रकार विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य में 3000 एम्बुलेंसों का बड़ा नेटवर्क तैयार हो जाएगा। इतनी विशाल एम्बुलेंस सेवा देश में और कहीं उपलब्ध नहीं है। ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस के तहत गर्भवती महिलाओं एवं नवजात बच्चों को लाभ मिलेगा। इससे नवजात बच्चों एवं गर्भवती माताओं की मृत्यु दर में और अधिक कमी आएगी। राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जांच मुफ्त होने के बाद पिछले 05 माह में गत वर्ष के सापेक्ष लगभग 16 लाख अधिक जांचें हुई हैं। उन्होंने आगे भी प्रदेश की जनता को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि ‘108’ समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के तहत अब तक लगभग 25 लाख 60 हजार लोग लाभान्वित हुए है, जिनमें 15 लाख 70 हजार प्रसव से सम्बन्धित हैं।
राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को इस प्रकार संचालित करने के लिए कटिबद्ध है कि प्रदेश के सबसे गरीब व्यक्तियों को भी इन सेवाओं का आसानी से लाभ मिल सके।
इससे पूर्व योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविन्द कुमार ने कहा कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गर्भवती माताओं तथा शिशुओं को समर्पित ‘102’ सेवा के तहत 1972 एम्बुलेंसें शामिल की जाएंगी। ‘102’ नेशनल एम्बुलेंस सर्विस के तहत प्रत्येक बच्चे को 01 वर्ष की आयु तक निःशुल्क परिवहन व संदर्भन सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इस सेवा से गोरखपुर तथा बस्ती मण्डल को पूरी तरह से आच्छादित करने का कार्य किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मस्तिष्क ज्वर से पीडि़त बच्चों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। 108 समाजवादी स्वास्थ्य सेवा के तहत संचालित एम्बुलेंस की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेवा के तहत अब तक 25 लाख लोगों को सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अमित कुमार घोष ने किया। कार्यक्रम में राज्य सरकार के अनेक मंत्री, अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी तथा एम्बुलेंस सेवा संचालन करने वाली संस्था जी.वी.के. के निदेशक कृष्णन् राजू भी उपस्थित थे।

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