मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पारिजात (कल्पवृक्ष) का पौधा भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते अधिकारीगण।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पारिजात (कल्पवृक्ष) का पौधा भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते अधिकारीगण।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वन महोत्सव की सफलता के लिए जन सहभागिता व जन सहयोग आवश्यक है। जीवन में वृक्षों एवं वनों के महत्व से आज हम सभी भलीभांति परिचित हैं। वृक्ष हमें केवल जीवन के लिए जरूरी आक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि अन्य आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध कराते हैं। वनों को बचा और बढ़ा कर ही हम वर्तमान एवं भावी पीढि़यों के लिए बेहतर जीवन की कल्पना को साकार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री आज लखनऊ में अपने सरकारी आवास 5, कालीदास मार्ग पर राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव का आयोजन वनों के संरक्षण एवं संवर्धन से सम्बन्धित कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने व वनों की उपयोगिता के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने आवास व आस-पास की रिक्त भूमि, खेत की मेड़ों तथा अनुपजाऊ भूमि पर अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनकी देख-भाल करें व प्रदेश को हरा-भरा व समृद्ध बनाने में राज्य सरकार के प्रयासों में सहभागी एवं सहयोगी बनें।
श्री यादव ने कहा कि वन महोत्सव के अवसर पर आज पूरे प्रदेश में 530 स्थलों पर 82,232 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून, 2014 को जनपद कन्नौज के ग्राम रौसा में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरूआत की गई थी, जिसके तहत 1,12,500 पौधों के रोपण का कार्य पूरा हो गया है। प्रदेश सरकार राज्य के प्रत्येक जनपद में 50 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कर हरित पट्टियों के विकास का कार्य कर रही है। इसके तहत चालू वर्ष में प्रत्येक जनपद में हरित पट्टी क्षेत्र में अधिक ऊंचाई (8 फुट से लेकर 12 फुट) के लगभग 9.37 लाख पौधे लगाकर 483 हरित पट्टियां विकसित की जा रही है। प्रदेश में ग्रीन बेल्ट के विकास, ग्रीन कवर को बढ़ाने व पर्यावरण सुधार के लिए वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में वनों को बचाने एवं लगाने के प्रदेश सरकार के कार्यक्रम की सराहना जलपुरूष राजेन्द्र सिंह ने भी की है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पारिजात (कल्पवृक्ष) का पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक वेब-पोर्टल और फारेस्ट ई-लाइब्रेरी का शुभारम्भ व प्रदेश के राज्य पक्षी सारस पर बनी एक फिल्म का लोकार्पण भी किया। वेब पोर्टल पर प्रदेश के वन्य जीव, राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव विहार, प्राण उद्यानों तथा लायन सफारी रीडिंग सेन्टर के विषय में जानकारी व फोटो गैलरी उपलब्ध है। इस पोर्टल के माध्यम से लखनऊ प्राणि उद्यान तथा कानपुर प्राणि उद्यान के आॅनलाइन टिकट भी प्राप्त किये जा सकते हैं। दुधवा नेशनल पार्क तथा कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार के वन विश्राम गृह की आॅनलाइन बुकिंग व्यवस्था भी शीघ्र ही पोर्टल पर उपलब्ध होगी। ई-लाइब्रेरी में प्रदेश में वन प्रशासन की स्थापना से लेकर अब तक लगभग डेढ़ सौ साल की अवधि के लगभग सभी प्रमुख प्रकाशन उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से सुदूर क्षेत्रों के लोग भी दुर्लभ पुस्तकों का आनन्द आॅनलाइन ले सकते हैं। राज्य पक्षी सारस पर बनी फिल्म में सारस जीवन चक्र व संक्षिप्त परिचय, सारस के अस्तित्व को बनाये रखने में आ रही बाधाओं व सारस संरक्षण के क्षेत्र में चल रहे प्रयासों के बारे में बताया गया है।
समारोह को सम्बोधित करते हुए वन राज्य मंत्री फरीद महफूज किदवई ने वन विभाग की कार्यप्रणाली में हुए परिवर्तन एवं प्रगति पर प्रकाश डाला। जबकि जन्तु उद्यान राज्य मंत्री डा. शिव प्रताप यादव ने लखनऊ के कुकरैल क्षेत्र में विभाग की भविष्य की योजनाओं के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी।
इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त व प्रमुख सचिव वन वी.एन. गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार के संकल्प के अनुरूप वन महोत्सव को केवल प्रतीकात्मक राजकीय समारोह न बनाकर इसमें निहित भावना एवं उद्देश्य के अनुरूप वृक्षारोपण कार्यक्रमों को जनोन्मुखी एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 02 जुलाई से 09 जुलाई तक इटावा, मैनपुरी, बदायूं, कानपुर देहात, ललितपुर, बहराइच, रामपुर व सिद्धार्थनगर जनपदों में 100 एकड़ से अधिक के क्षेत्र चयनित कर माननीय मंत्रिगण व विशिष्ट अतिथिगणों की उपस्थिति में वृक्षारोपण किया जाएगा। वृक्षारोपण कार्यक्रम के प्रति संवेदना जागने हेतु विभिन्न विभागों द्वारा 18,598 हेक्टेयर क्षेत्र में 1.21 करोड़ पौधों का रोपण किया जा रहा है।
प्रमुख वन संरक्षक जे.एस. अस्थाना ने बताया कि चालू वर्ष में वन विभाग द्वारा प्रदेश में 49,582 हेक्टेयर क्षेत्र में 3.22 करोड़ पौधों तथा लखनऊ जनपद व मण्डल में क्रमशः 337 हेक्टेयर में 2.2 लाख व 37,22 हेक्टेयर में 24.2 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शारदा नहर सूखी पटरी पर लखनऊ (75 एकड़), उन्नाव (50 एकड़), हरदोई (100 एकड़) में कुल 225 एकड़ भूमि में हरित पट्टी वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके तहत लखनऊ (18750), उन्नाव (12500), हरदोई (25000) कुल 56,250 पौधे रोपित किये जाएंगे। इसी नहर की पटरी पर वर्ष 2012-13 में कुल 7.5 एकड़ क्षेत्रफल में 2075 पौधों का रोपण किया गया। वर्ष 2013-14 में शारदा नहर सूखी पटरी पर 75 एकड़ में कुल 18,750 पौध का रोपण किया गया। इस अवसर पर राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र वाजपेयी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल, निदेशक सूचना डाॅ. रूपेश कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण व शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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