सीडीओ ने निःशुल्क साईकिलों को पंजीकृत श्रमिकों में बांटा

 उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजना के तहत महिला श्रमिकों को साइकिल देते मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह।

उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजना के तहत महिला श्रमिकों को साइकिल देते मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह।

बदायूं में उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित योजना के तहत 33 पंजीकृत श्रमिकों को मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में गुरूवार को  निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया।
साइकिल सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों में चार महिलाओं को भी साइकिलें देकर लाभान्वित किया गया। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने के लिए कोई भी निर्माण श्रमिक 18 से 60 वर्ष की आयु के हों पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण कराने की औपचारिकता पूर्ण करने के लिए दो फोटो, आयु प्रमाण पत्र तथा 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र सहित 50 रूपए पंजीकरण शुल्क एवं 50 रूपए एक वर्ष का अंशदान जमा कर पंजीकरण संख्या सहित श्रमिक पहचान पत्र प्राप्त किया जा सकता है।
श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत दुर्घटना सहायता योजनान्तर्गत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के दौरान मृत्यु होने पर दो लाख, स्थाई विकलांगता पर एक लाख पचास हजार एवं आंशिक विकलांगता की स्थिति में अस्सी हजार रूपए की सहायता दी जाती है। विभाग द्वारा महिलाओं के मातृत्व हितलाभ योजनान्तर्गत पंजीकृत महिला श्रमिकों को दो प्रसवों तक बारह हजार की आर्थिक सहायता दो किस्तों में दी जाती है। शिशु हित लाभ योेजनान्तर्गत पुत्र के जन्म से दो वर्ष की आयु पूर्ण होने तक दस हजार, पुत्री पैदा होने पर बारह हजार रूपए प्रतिवर्ष की दर से देने का प्रावधान है इसके अलावा पुत्रियों की शादी हेतु 40 हजार, गम्भीर बीमारी में पंजीकृत श्रमिक, उसकी पत्नी एवं उस पर आश्रित 21 वर्ष से कम आयु के पुत्र अविवाहित पुत्री की किसी गम्भीर बीमारी में प्रदेश के किसी शासकीय चिकित्सालय में तथा भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार के किसी स्वायात्शासी चिकित्सालय में निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है। मृत्यु एवं अन्त्येष्टि सहायता योजनान्तर्गत सामान्य एवं बीमारी से मृत्यु होने पर आश्रितों को एक लाख तथा अंत्येष्टि हेतु पंद्रह हजार रूपए दिया जाता है। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी आरपी यादव, महिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी ऊषा वाजपेई, ब्लाक दहगवां के खण्ड उधर पुष्टाहार वितरण के सम्बंध में मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह ने तेवर सख्त करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में पुष्टाहार वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ और पारदर्शी बनाई जाए। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।
विकास भवन स्थित सभाकक्ष में गुरूवार को मुख्य विकास अधिकारी उदय राज सिंह ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय के बेसिक टेलीफोन को अनिवार्य रूप से ठीक करा लें और नियमित समय तक कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतों को सुनें। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा बेसिक फोन से ही अधिकारियों की उपस्थिति को चेक कराकर क्रास चेकिंग कराई जाएगी। सीएमओ कार्यालय द्वारा संचालित मरीजों को निःशुल्क भोजन वितरण, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण सहित अन्य योजनाओं में मंडल स्तर पर प्रगति अच्छी न होने के कारण सीडीओ ने असंतोष व्यक्त करते हुए हिदायत दी कि विभागीय योजनाओं को भली-भांति क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना के सत्यापन कार्य को अविलम्ब पूर्ण किया जाए और पात्र, अपात्र एवं निरस्त की अलग अलग तीन प्रकार की सूचियां तैयार की जाएं। सीडीओ ने बीआरजेएफ योजनान्तर्गत कई ग्रामों में अभी तक कार्य शुरू न होने पर असंतोष जताया और निर्देश दिए कि कार्य तत्काल पूरा किया जाए।
लोहिया ग्रामों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी खण्ड विकास अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को आगाह करते हुए हिदायत दी कि वह अपने-अपने कार्यों को भलीभांति देख लें और कोई कमी पाए जाने पर उनको ठीक करा दें। यदि कोई निर्माण कार्य शेष हो तो उसे तत्काल पूरा करा दें। उन्होंने कहा कि कभी भी किसी उच्च स्तरीय अधिकारी द्वारा लोहिया ग्रामों का स्थलीय सत्यापन किया जा सकता है। मनरेगा योजनान्तर्गत ब्लाक सालारपुर, जगत, समरेर एवं उझानी की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर सीडीाओ ने नाराजगी जाहिर की।
इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग समीेर कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक रामरक्ष पाल, जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोम, जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी ज़हीर अब्बास सहित सभी तकनीकी विभागों के अभियंतागण मौजूद रहे।

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