स्कूल मैनेजमेंट नहीं कर सकेंगे मनमानी, सीबीएसई ने जारी किये दिशा-निर्देश

स्कूल मैनेजमेंट नहीं कर सकेंगे मनमानी, सीबीएसई ने जारी किये दिशा-निर्देश

स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। पिछले दिनों मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने स्‍कूल बसों को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए थे, इसी क्रम में अब सेंट्रल ब्‍यूरो ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने प्रबंधन के लिए स्‍कूल बसों से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जो अब प्रबंधकों को लागू करने होंगे।

सीबीएसई के अनुसार स्‍कूल बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने होंगे, बस की स्‍पीड को कंट्रोल करने वाले उपकरण सही रखने होंगे, 40 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर ही बस दौड़ा सकते हैं, बस की खिड़कियां ग्रिल से ढकनी होंगी, बस में अलार्म बैल और सायरन होगा, ट्रेंड महिला अटेंडेंट के साथ बस में एक ट्रांसपोर्ट मैनेजर होना चाहिए, बस के अंदर एक मोबाइल फोन रखना होगा, बच्‍चों से बस के स्टाफ के बारे में फीडबैक लिया जाएगा, दुर्घटना की स्थिति में मैनेजमेंट पूरी तरह से जिम्‍मेदार होगा, इसके अलावा स्‍कूल प्रबंधकों को यह सुविधा भी देनी होगी कि हर स्‍कूल बस में एक अविभावक हो, जो बस के स्‍टाफ के बारे में फीडबैक दे सके।

उल्लेखनीय है कि एटा जिले में हुए सड़क हादसे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संज्ञान लिया था, तभी मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने स्‍कूल बसों को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए थे और अब सेंट्रल ब्‍यूरो ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने स्कूल प्रबंधन के लिए स्‍कूल बसों से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जो प्रबंधकों को हाल हाल में लागू करने होंगे। यह भी बता दें कि स्कूल प्रबंधक बस के भाड़े के रूप में अविभावकों से मोटी रकम वसूलते हैं, लेकिन सुविधा नहीं देते।

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