बिना देखे ही हो गया ऐसा प्रेम, जो अमर हो गया

बिना देखे ही हो गया ऐसा प्रेम, जो अमर हो गया

कहानी सतयुग की है, उस समय कुन्दनपुरी में भीम सिगर नाम के एक बड़े ही शक्तिशाली, दानशील व सत्यवादी राजा हुए, इनकी रानी का नाम अशोक सुंदरी था, जो श्रेष्ठ पतिव्रताओं में मानी जाती हैं, इनके तीन पुत्र दम, दान्त, दमन और एक दमयन्ती नाम की पुत्री थी। ‘दम’ का अपने मन पर पूर्ण रूप […]

अपराध और राजनीति के भंवर में फंस सा गया कवि डीपी

अपराध और राजनीति के भंवर में फंस सा गया कवि डीपी

आम जनमानस के मध्य बाहुबलि, धनबलि और माफिया के रूप में कुख्यात राजनेता डीपी यादव उर्फ़ धर्मपाल यादव के अंदर एक रचनाकार और एक कलाकार भी रहता है। डीपी यादव की कई किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं, साथ ही कई फिल्मों में डीपी ने अभिनय किया है एवं एक “आकांक्षा” नाम की फिल्म का निर्माण […]

गीत के सुरीले कंठ में, दर्द के बबूल आ गए …

गीत के सुरीले कंठ में, दर्द के बबूल आ गए …

साहित्य जगत के लिए दुःखद खबर है। सुविख्यात कवियत्री डॉ. मधुरिमा सिंह नहीं रहीं। हृदय आघात के चलते वे शरीर त्याग गईं। उनके निधन पर साहित्यकारों के साथ उनके करोड़ों प्रशंसक दुखी हैं। हरदोई में 9 मई 1956 को जन्मी डॉ. मधुरिमा सिंह को बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में पी.एच.डी. की उपाधि मिली थी। […]

अरुणेश नीरन की कहानी “तोता सुकुल”

अरुणेश नीरन की कहानी “तोता सुकुल”

तोता सुकुल, जवार भर के लिए, तोता सुकुल थे। वैसे, नाम था- वृंदावन नाथ शुक्ल। पिता मथुरा-वृंदावन की यात्रा से लौटे ही थे कि पता चला कि बेटा हुआ है। वृंदावन-बिहारी का प्रसाद मानकर बेटे का नाम रखा गया वृंदावन। बाबा-ईया को तो नाती का मुँह देखना नसीब ही तब हुआ, जब परलोक पधारने की […]

रंडागिरी: विभा रानी

रंडागिरी: विभा रानी

चौंक गए शीर्षक से? होता है। पहली बार में। प्रेम में बलात्कार, बलात्‍‍कार में प्रेम की तरह। बलात्कार में प्रेम संभव है कि नहीं, पता नहीं, मगर प्रेम में बलात्कार पानी में आक्सीजन और हाइड्रोजन की तरह सीधा-सादा, मासूम सच है।        शीर्षक का खुलासा? बस जी, ताल में लय, लय में ताल। […]

व्यंग्य: नेता का स्थान: पांडेय बेचन शर्मा उग्र

व्यंग्य: नेता का स्थान: पांडेय बेचन शर्मा उग्र

1 लड़कपन से लेकर बी.ए. पास हो लेने तक, आठ वर्ष की अज्ञान अवस्‍था से तेईस वर्ष की अपरिपक्‍व अवस्‍था तक वे दोनों अभिन्‍न मित्र रहे। दोनों तीव्र भी थे, दोनों ‘देश के चमकते हुए सितारे’ थे। दोनों का एक ही देश था, एक ही प्रदेश था, एक ही नगर था, एक ही मुहल्‍ला था, […]

व्यंग्य: लूट इंडिया लूट: शशिकांत सिंह “शशि”

व्यंग्य: लूट इंडिया लूट: शशिकांत सिंह “शशि”

दोस्तों! ‘लूट इंडिया लूट’, रियलिटी शो के इतिहास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। आज तक हम टीवी पर केवल मनोरंजन प्रधान कार्यक्रम ही देखते थे। ज्ञान प्रधान प्रोग्राम नहीं। प्रश्नोत्तरी पर आधारित एक दो टुच्चे प्रोग्रामों को ज्ञान प्रधान नहीं कहा जा सकता। ज्ञान वह है, जो व्यावहारिक जीवन में हमारी […]

जगह दो, रहमत के फरिश्ते आएँगे: शानी

जगह दो, रहमत के फरिश्ते आएँगे: शानी

मध्य प्रदेश के जगदलपुर में जन्मे गुलशेर खाँ “शानी” प्रसिद्ध कहानीकार और उपन्यासकार हैं, उनकी एक लोकप्रिय कहानी “जगह दो, रहमत के फरिश्ते आएँगे” आपके समक्ष पेश है … भीतर पहुँच कर मैंने राहत की साँस ली। धीरे आकर बैठ गया। पता नहीं पप्पू मियाँ कब आकर मेरे पीछे खड़े हो गए थे। सलमा किचन […]

सूझबूझ

सूझबूझ

  बहुत दिन पहले की बात है। महोबा नामक गाँव में रामगुप्त नामक एक बनिया था। उसके दो पुत्र थे। बाप-बेटे सब मिल कर छोटा-मोटा व्यापार किया करते थे। रामगुप्त एक जमाने में बड़ा धनी था। मगर व्यापार में उसने अपना सर्वस्व खो दिया था। अब उसके यहाँ सिवाय एक बड़ा घर के संपत्ति के […]

कहानी

कहानी

  चिड़ा और खरगोश का घोंसला एक चिड़ा पेड़ पर घोंसला बनाकर मजे से रहता था। एक दिन वह दाना पानी के चक्कर में अच्छी फसल वाले खेत में पहुंच गया। वहां खाने पीने की मौज से बड़ा ही खुश हुआ। उस खुशी में रात को वह घर आना भी भूल गया और उसके दिन […]