प्रार्थना और उसका महत्व

प्रार्थना और उसका महत्व

  धर्म, पंथ, संप्रदाय चाहे कोई हो, पर एक बात सभी में समान है और वह है प्रार्थना। प्रार्थना क्या है और क्यों की जाती है? इसलिए यह जानना अति आवश्यक हो जाता है। प्रार्थना का अर्थ : बहुत से लोग पूजा और प्रार्थना में अंतर नहीं कर पाते। विधिपूर्वक, कर्मकांड के साथ अपने ईष्ट […]

शिक्षा की अवधारणा ने बदला शिक्षक का महत्व

शिक्षा की अवधारणा ने बदला शिक्षक का महत्व

5 सितम्बर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। शिक्षक कौन होता है और उसका हमारे जीवन में क्या महत्त्व है? इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए पहले यह जानना आवश्यक है कि शिक्षा क्या है? आज माता-पिता बच्चे के पैदा होने से […]

क्या होगा देश में नमो, नमो, नमो?

क्या होगा देश में नमो, नमो, नमो?

जनता की पुरजोर मांग के बाद तमाम अवरोधों के बावजूद आखिरकार भाजपा ने मोदी के नाम पर मोहर लगा दी। लगा कि इस देश को वाकई जनता या यूं कहें, कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स चला रही हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत की हैट्रिक लगने के बाद से ही ‘देश में नमो नमो […]

न इंसान बन पाए और न जानवर

न इंसान बन पाए और न जानवर

कहते हैं, श्रीमती गांधी की वर्तमान में उनके पति से पहली भेंट हयात के डिस्क ‘घूँघरू’ में हुई थी। ज़ाहिर है, वे डिस्क में खादी की साड़ी पहनकर तो नहीं गयीं होंगी। वे कुछ भी पहन लें, उन पर बलात्कार तो दूर छींटाकशी तक करने की हिम्मत नहीं किसी में। एक बार एक दुस्साहसी ने […]

सवाल: क्यों किया राम ने सीता का त्याग?

सवाल: क्यों किया राम ने सीता का त्याग?

स्त्रीवादी बहनें और मिथिलावासी मेरे इस लेख से दुखी होंगे, इसलिए पहले ही क्षमा मांग लेती हूँ… राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। एक मानव में जो गुण होने चाहिए उनमें वे सभी हैं। वे प्रेममयी हैं, दयालु हैं, आदरपूर्ण हैं, श्रेष्ठ पुत्र हैं, श्रेष्ठ भ्राता हैं, श्रेष्ठ राजा हैं, श्रेष्ठ मित्र हैं, सर्वगुण संपन्न हैं और […]

शिव का सर्वोत्तम पूजन है रुद्रभिषेक

शिव का सर्वोत्तम पूजन है रुद्रभिषेक

शिव को जलाभिषेक अति प्रिय है। उनका सर्वोत्तम पूजन रुद्रभिषेक है। रुद्र और शिव को अलग करके नहीं देखना चाहिए। शिव ही रुद्र हैं। वेदों में शिव को ही रुद्र कहा गया है। इस देश को रुद्रभिषेक प्राकर्तिक रूप से प्राप्त है। शिव स्वयं हिमालय रूप में स्थापित हैं। हिमालय की पहाड़ियाँ उनकी जटाएँ हैं। […]

शौचालय चाहिए या अनाज

शौचालय चाहिए या अनाज

जयराम रमेश परेशान हैं कि शौचालय अनाज भंडारण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। उनकी परेशानी जायज़ है। निश्चित ही शौचालय इस देश की बड़ी समस्या हैं। मुंह अंधेरे उठकर अकेले जंगल जाने पर महिलाओं की सुरक्षा को सबसे अधिक खतरा होता है। वह और जगहों की तरह न तो किसी पुरुष को साथ […]

जन्मशती वर्ष पर विशेष- सादत हसन मंटो

जन्मशती वर्ष पर विशेष- सादत हसन मंटो

11 मई, 1912 को जन्मे सादत हसन मंटो महज़ 42 वर्ष की छोटी सी ज़िंदगी काट कर 18 जनवरी, 1955 को इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी ज़िंदगी सालों के पैमाने पर भले ही छोटी रही हो पर असल में ‘लार्जर देन लाइफ’ थी। उन्होंने उर्दू लेखन को जो ऊंचाई दी उसे आज भी […]

चंदन को जला कर बना रहे कोयला

पूर्वोत्तर में बाढ़ ने जीवन दूभर कर रखा है और उत्तर भारत में किसान कभी धरती में पड़ी दरारों को देख रहा है और कभी आग बरसाते आसमान को। भारतीय उपमहाद्वीप वर्षा ऋ तु के कारण अपनी अलग पहचान रखता है। यहाँ उत्तर के लोग जब चार-चार कंबल ओढक़र भी ठंड से ठिठुर रहे होते […]

मौत का कुआँ

मौत का कुआँ

 28 जनवरी 2००6 को इंदौर में तीन साल का दीपक 22 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। 23 जुलाई 2००6 को हरियाणा में प्रिंस नाम का बच्चा बोरवेल में गिर गया जिसे काफी मशक्ककत के बाद बचाने में कामयाबी मिली थी।  2 जनवरी 2००7 को झांसी के पास एक गांव में 3० फुट गहरे गड्ढे […]