जनप्रतिनिधियों और अफसरों की उदासीनता को लेकर आक्रोशित हैं सिरसा वाले

जलभराव से मुक्ति की आस लगाये ग्रामीण।

बदायूं जिले में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गये हैं। शहर से सटे गांवों के हालात भी भयावह हैं, ऐसे में दूर बसे गांवों के हालातों की कल्पना की जा सकती है। जनप्रतिनिधि उदासीन हैं, वहीं डीएम के न होने से ग्रामीणों की शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

बदायूं शहर के किनारे बसे गाँव सिरसा का मुख्य मार्ग पहली नजर में देखने पर नहर की तरह नजर आ रहा है। ग्रामीणों के अलावा जीटीआई जाने वालों को भी इस मार्ग से गुजरना पड़ता है और सभी को घुटनों तक पानी से होकर ही गुजरना पड़ता है। सर्वाधिक समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजर्गों, बीमारों, विकलांगों और महिलाओं को है। हर दिन कोई न कोई इस दल-दल में फंस जाता है। ग्रामीण महीनों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान तक नहीं दे रहा।

बताया जाता है कि जलभराव सड़क और नाली टूटने से है, साथ ही पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सफाई कर्मी भी नहीं आता। अगर, सफाई कर्मी ही सफाई करता रहे, तो कम से कम जलभराव से तो मुक्ति मिल ही जायेगी। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अफसरों की उदासीनता को लेकर ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने शासन को पत्र भेज कर जलभराव से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई है।

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नहर जैसी सड़क से गुजरता एक ठेला वाला।

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