भाजपा जिलाध्यक्ष का ब्रह्मास्त्र संघ ने किया निष्प्रभावी

पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल
पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल

बदायूं में भाजपा पर एकाधिकार स्थापित करने वालों को गहरा आघात पहुंचा है। हाईकमान और आरएसएस ने पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल और भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय में विश्वास जताया है, जिससे जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक की बड़ी फजीहत हो रही है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक ने गुटबंदी के चलते प्रदेश हाईकमान को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय और विधि प्रकोष्ठ के बरेली क्षेत्र संयोजक स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता को पार्टी विरोधी बताया गया था। जिलाध्यक्ष के इस प्रस्ताव के बाद गुटबंदी खुल कर सामने आ गई थी, वहीं भाजपा के आम कार्यकर्ताओं व जनता में यह जानने की दिलचस्पी बढ़ गई थी कि हाईकमान क्या निर्णय लेगा।

अब सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल और भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय को जनाधार वाला और पार्टी को समर्पित नेता माना है, जिससे हाईकमान ने जिलाध्यक्ष के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है, इसे जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक की बड़ी हार माना जा रहा है।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय
भाजयुमो जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय

बता दें कि रामसेवक सिंह पटेल परिसीमन में समाप्त हो चुके बिनावर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं और उनकी हिंदूवादी कट्टरपंथी नेता की छवि है, इसी तरह युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय ने जिले में समाप्त हो चुकी भाजपा में पुनः प्राण फूंके हैं। कुलदीप वार्ष्णेय के जिलाध्यक्ष बनने के बाद भाजपा न सिर्फ जनपद में नजर आने लगी, बल्कि युवा मोर्चा की हर क्षेत्र में सक्रीय कमेटियां हैं, जिनके बल पर अब भाजपा जिले भर में प्रभावी स्थिति में है।

असलियत में गुटबंदी के पीछे वर्ष- 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव ही हैं। परिसीमन से पूर्व बदायूं विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे और वर्ष- 2012 के नये बदायूं विधानसभा क्षेत्र से करीब 15 हजार वोट से चुनाव हार चुके महेश चन्द्र गुप्ता इस बार भी टिकट के दावेदार हैं, इसके अलावा बिनावर क्षेत्र समाप्त होने से रामसेवक सिंह पटेल और कुलदीप वार्ष्णेय भी बदायूं विधानसभा क्षेत्र से प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, इसीलिए जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक ने महेश चंद्र गुप्ता का रास्ता साफ करने के उददेश्य से रामसेवक सिंह पटेल व कुलदीप वार्ष्णेय पर प्राण घातक वार किया था, जिसे आरएसएस ने निष्प्रभावी कर दिया है। यह भी बता दें कि जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक भी बदायूं क्षेत्र से विधायक रहे हैं, जबकि प्रेम स्वरूप पाठक व महेश चंद्र गुप्ता सहसवान विधान सभा क्षेत्र के मूल निवासी हैं। सहसवान क्षेत्र से महेश चंद्र गुप्ता सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के मुकाबले चुनाव हार चुके हैं।

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