बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 15 मंत्री और हटाये

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी

बिहार की राजनीति में स्वयं को धुरंधर सिद्ध करने के प्रयास में नीतीश कुमार का दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया है। उनके विश्वस्त मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को भी विरोध जारी रखा और मंत्रिमंडल से 15 और मंत्रियों की छुट्टी कर दी।

नई दिल्ली स्थित नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए जाने से पहले मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को पत्र लिख कर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री दामोदर राउत, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक, निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अवधेश प्रसाद कुशवाहा, समाज कल्याण मंत्री लेसी सिंह, ग्रामीण कार्य एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह, सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह, पर्यटन मंत्री जावेद इकबाल अंसारी, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री बीमा भारती, गन्ना उद्योग मंत्री रंजू गीता, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री बैद्यनाथ सहनी एवं पंचायती राज मंत्री बिनोद प्रसाद यादव को उनके पद एवं मंत्रिपरिषद से तत्काल हटाने की संस्तुति कर दी। जीतन राम मांझी की चालों से त्रस्त नीतीश कुमार और शरद यादव यह समझ ही नहीं पा रहे कि वे अब क्या करें, साथ ही उनकी स्थिति हास्यास्पद होती जा रही है। बता दें कि जीतन राम मांझी दो मंत्रियों को पहले ही हटा चुके हैं।

दूसरी ओर जदयू के विधायक दल की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है। बैठक में कुल 111 में से 97 विधायक पहुंचे थे। उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव को लोकतंत्र पर कलंक बताया है।

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