अवैध खनन बंद करने के दिए जाते हैं सिर्फ निर्देश, धंधा जारी

कछला स्थिति गंगा में माफिया द्वारा मशीनों से कराया जा रहा अवैध खनन
कछला स्थिति गंगा में माफिया द्वारा मशीनों से कराया जा रहा अवैध खनन

गंगा में अवैध खनन रोकने को लेकर केंद्र सरकार ही नहीं, बल्कि ऊत्तर प्रदेश सरकार भी बेहद गंभीर नज़र आ रही है। बदायूं जिला प्रशासान का रुख भी बेहद कड़ा नज़र आ रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत एक दम विपरीत है। वास्तव में बदायूं जिला  अवैध खनन की राजधानी बन चुका है। अत्याधुनिक मशीनें लगा कर माफिया रात दिन गंगा की छाती चीर रहे हैं। बरसात के मौसम में गंगा में बाढ़ आने की आशंका के चलते माफिया ने गंगा से पांच किलो मीटर दूर रेत का पहाड़ खड़ा कर दिया है, ताकि इस अवैध धंधे की निरंतरता बनी रहे। माफिया ने रेत का स्टॉक बरेली-बदायूं आगरा हाईवे के किनारे खुलेआम कर रखा है, इसलिए ऐसा हो ही नहीं सकता कि रेत के इस पहाड़ पर वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों की नज़र न पड़े, पर उच्च स्तरीय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त माफिया के गिरेबान पर हाथ डालने की हिम्मत जिला स्तरीय अफसरों में है ही नहीं, इसीलिए सरकार के निर्देश के क्रम में स्थानीय अफसर भी निर्देश देकर अपने कर्तव्य का पालन कर देते हैं और माफिया मौज लेता रहता है।

बरेली-बदायूं और आगरा हाइवे के किनारे माफिया द्वारा किया जा रहा रेत का स्टॉक
बरेली-बदायूं और आगरा हाइवे के किनारे माफिया द्वारा किया जा रहा रेत का स्टॉक

बदायूं के जिलाधिकारी शंभूनाथ ने आज भी कहा कि खनन माफियाओं के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाये। यदि किसी तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का कोई मामला प्रकाश में आता है, तो उसके लिए उन्होंने सम्बंधित उप जिलाधिकारी की जवादेही तय की। उन्होंने कहा कि खनन माफियाओं का असली ठिकाना जेल है।
जिलाधिकारी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभा कक्ष में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने बालू स्टॉक करने का लाइसेंस प्राप्त कर रखा है, ऐसे स्थानों को चैक कर स्टॉक का आंकलन किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा स्टॉक करने की जानकारी हासिल करने पर सम्बंधित लिपिक द्वारा बताया गया कि पचास हजार घन मीटर तक स्टॉक किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा सभी एसडीएम लाईसेंसधारी लोगों का बालू स्टॉक अवश्य चैक करें। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेन्द्र प्रसाद यादव सहित समस्त उप जिलाधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

अवैध खनन रोकने के बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शंभूनाथ
अवैध खनन रोकने के बैठक में निर्देश देते जिलाधिकारी शंभूनाथ

यह बता दें कि बदायूं में तैनात खनन अधिकारी लालता प्रसाद पर आसपास के 11 जनपदों का कार्यभार है और किसी भी जनपद में वह बैठक व निरीक्षण करने जाते ही नहीं है। बताया जाता है कि लालता प्रसाद खनन माफियाओं के इशारे पर ही कार्य पर ही करते हैं, जिससे उन पर शासन स्तर से ही कृपा रहती है, ऐसे में स्पष्ट है कि बदायूं जिले में अवैध खनन का धंधा हाल-फ़िलहाल नहीं रुकने वाला।

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