पुलिस ने अभियुक्तों को बचाया और मीडिया कर्मी को फंसाया

पत्रकार योगेन्द्र पाल सिंह
पत्रकार योगेन्द्र पाल सिंह

बरेली पुलिस मीडिया कर्मी पर हुए हमले को गंभीरता से नहीं ले रही है, साथ ही मीडिया कर्मी को उल्टा मुकदमे में फंसा दिया है। पीड़ित पत्रकार ने आईजी को पत्र भेज कर कार्रवाई कराने की मांग की है।

घटना 24 अप्रैल 2014 की है। बदायूं जिले के गाँव सुंदर नगर निवासी पत्रकार योगेन्द्र पाल सिंह व्यक्तिगत कार्य से बरेली जिले के थाना देवरनियां जा रहे थे, तभी पीछा कर रहे कार सवार बदमाशों ने उन पर प्राण घातक हमला बोल दिया। घटना का मुकदमा थाना देवरनियां में दर्ज है, लेकिन पुलिस अभियुक्तों से मिल गई है और उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोप है कि अभियुक्त गवाहों को धमका रहे हैं। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि पुलिस ने मुकदमे में एफआर भी लगा दी है।

पीड़ित योगेन्द्र ने बताया कि अभियुक्तों पर अलग-अलग थानों व जिलो में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, साथ ही बड़े भू-माफिया हैं। मीडिया कर्मी का आरोप है कि अभियुक्तों के दबाव में उसके विरुद्ध भी मुकदमा ही दर्ज नहीं करा दिया है, बल्कि पीड़ित के घर पुलिस ने आतंकियों की तरह दबिश भी दी। पीड़ित ने अपने परिजनों सहित खुद की जान को खतरा बताते हुए आईजी बरेली से निष्पक्ष जाँच व कार्रवाई कराने की मांग की है।

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