अरुणा राय और तनु शर्मा को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन

लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं।
लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं।

इंडिया टीवी चैनल की एंकर तनु शर्मा और दारोगा अरुणा राय को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आज रविवार को लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के सामने विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने कैंडिल मार्च निकाला।
विरोध करने वालों ने ’लोकसभा चुनाव में इंडिया टीवी की भूमिका की जांच कराओ, एफआईआर से रजत शर्मा की पत्नी रितु धवन का नाम हटाने वाले पुलिस अधिकारी को निलंबित करो, तनु शर्मा के खिलाफ इंडिया टीवी के दबाव में लिखे गए मुकदमे को खारिज करो, एसआई अरूणा और तनु शर्मा मामले में
अपराधियों के साथ खड़ी सपा सरकार शर्म करो, महिला विरोधी इंडिया टीवी का बहिष्कार करो, तनु शर्मा मामले की सीबीआई जांच कराओ’ इत्यादि नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि तनु शर्मा प्रकरण पूरे सूबे में महिलाओं के खिलाफ प्रशासनिक संरक्षण में हो रहे अपराध का ताजा उदाहरण है, जिसमें प्रशासन खुलकर अपराधियों के पक्ष में खड़ा दिख रहा है। चाहे मेरठ में तैनात एसआई अरूणा राय के साथ अभद्रता करने वाले उनके सीनियर पुलिस अधिकारी डीपी श्रीवास्तव का मामला हो या तनु शर्मा का, विवेचना के नाम पर पुलिस कहीं गैर जमानती धाराओं को बदलती दिख रही है, तो कहीं आरोपियों के नाम ही एफआईआर में दर्ज नहीं कर रही है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि ऐसे सभी मामलों में विवेचना पुलिस से न कराकर अलग स्वतंत्र इकाई से करवाई जाए। पत्र में मांग की गई है कि चूंकि तनु शर्मा प्रकरण नोएडा, उत्तर प्रदेश के अंदर घटित हुआ, इसलिए इस मामले में सपा सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति करे।

प्रदर्शनकारियों ने प्रेस काउंसिल आॅफ इंडिया से मांग की कि तनु शर्मा ने 5 फरवरी 2014 को इंडिया टीवी चैनल को ज्वाइन किया था। लोकसभा चुनाव को देखते हुए तमाम चैनलों ने नई नियुक्तियां की थीं। ऐसे में प्रेस काउंसिल आॅफ इंडिया को चाहिए कि वह इन सभी नियुक्तियों पर एक निगरानी समिति का गठन करे और उनके हालात को समझने की कोशिश करे, ताकि तनु शर्मा जैसी अन्य घटनाएं न हो पाएं। सभी मीडिया संस्थानों में विशाखा गाइड लाइन लागू है या नहीं, इस बात की भी प्रेस काउंसिल द्वारा समीक्षा की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिस तरीके से तनु शर्मा और अरूणा राय के साथ हुआ और न्याय को लगातार बाधित करने की कोशिशें की जा रही है, उससे पूरे समाज में गलत संदेश जाता है। जिसके चलते कोई भी लड़की मीडिया संस्थान और पुलिस विभाग में नहीं जाना चाहेगी और न ही कोई अभिभावक अपनी बच्चियों को इनमें भेजेंगे।
प्रदर्शन में सतेन्द्र कुमार, मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकार्ता संदीप पाण्डे, नागरिक परिषद के रामकृष्ण, मजदूर नेता केके शुक्ला, रोडवेज कर्मियों के नेता होमेन्द्र मिश्रा, प्रसिद्ध रंगकमी आदियोग, प्रतापगढ़ के शम्स तबरेज, हरदोई से प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम कपूर, रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुएब, एके सिंह, अखिलेश सक्सेना, गुफरान सिद्दीकी, अरुणा सिंह, शाहनवाज आलम, हरेराम मिश्र, सीबी त्रिपाठी, किसान नेता शिवाजी राय, राजीव यादव आदि शामिल हुए।

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