दास कॉलेज में सपाई और बाबू रहे हावी, पत्रकारों को दी जूठन

कार्यालय में प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ कर पत्रकारों से बात करते प्रभारी मंत्री रामकरन आर्य, बराबर में बैठे हैं जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी और तमाम सपाई।
कार्यालय में प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ कर पत्रकारों से बात करते प्रभारी मंत्री रामकरन आर्य, बराबर में बैठे हैं जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी और तमाम सपाई।

बदायूं के एनएमएन दास पीजी कॉलेज में आज कन्या विद्या धन योजना के अंतर्गत चेक वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह के चलते कॉलेज की व्यवस्था अस्त-व्यस्त रही। प्राचार्य के कार्यालय तक पर कब्जा कर लिया गया, वहीं समारोह में सदर विधायक आबिद रजा का दाहिना हाथ कहे जाने वाले कॉलेज का एक बाबू हावी रहा। समारोह के दौरान पत्रकारों को जूठन खिलाने का भी प्रयास किया गया, जिसे खाने से कुछ पत्रकारों ने मना कर दिया।

चेक वितरण समारोह के चलते आज कॉलेज का शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। समारोह के पश्चात सपाईयों ने प्राचार्या के कार्यालय पर कब्जा कर लिया। प्राचार्य की कुर्सी पर बैठ कर प्रभारी मंत्री ने पत्रकारों से बात की, इस दौरान प्राचार्य का कार्यालय भी अस्त-व्यस्त हो गया, लेकिन प्रभारी मंत्री रामकरन आर्य के बगल में जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश त्रिपाठी स्वयं विराजमान रहे, ऐसे में कोई आपत्ति भी कैसे जता सकता था।

समारोह में सबसे आगे की बेंच पर बैठा लाल घेरे में कॉलेज का बाबू।
समारोह में सबसे आगे की बेंच पर बैठा लाल घेरे में कॉलेज का बाबू।

समारोह में आबिद रजा का दाहिना हाथ कहे जाने वाला अक्षत नाम का कॉलेज का बाबू हावी रहा, इस बाबू के बारे में कहा जाता है कि कॉलेज और बदायूं क्लब में कोई भी कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, तो बेवजह मंचासीन हो जाता है और अगर, कोई मंच पर न आने दे, तो चपरासियों से कब्जा करा कर समारोह में सबसे आगे एक बेंच आरक्षित रखता है। आज भी मंच पर अतिथियों का बेवजह स्वागत करने पहुंच गया और मंच पर किसी ने नहीं बैठाया, तो समारोह में सबसे आगे तन पर बैठा रहा, जबकि प्रोफेसर इधर-उधर खड़े नजर आ रहे थे। बता दें कि विधायक व कथित आदर्शवादी आबिद रजा को अक्षत द्वारा बदायूं रत्न की उपाधि दी जा चुकी है, जिससे वरिष्ठ अफसर अक्षत से डरने लगे हैं।

समारोह में छात्रायें कई घंटे से बैठी थीं, उनके अभिवावक हॉल के बाहर खड़े थे। व्यवस्था में जुटे तमाम कर्मचारी इधर-उधर दौड़ रहे थे, इस सबके बीच मंच पर चाय-नाश्ता पार्टी शुरू कर दी गई। खाने के बाद जिलाधिकारी के इशारे पर प्लेट पत्रकारों के लिए भेज दी गईं, लेकिन कई पत्रकारों ने जूठन खाने से स्पष्ट मना कर दिया।

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