मुकदमा दर्ज होने के बाद भी झोलाझाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही पुलिस

पीड़ित श्याम बाबू

बदायूं जिले में झोलाझाप डॉक्टर कुकुरमुत्तों की तरह उग आये हैं, जो आम जनता को खुलेआम लूट रहे हैं। ठीक से हिंदी भी लिखने में असमर्थ कथित डॉक्टर खुलेआम क्लीनिक और अस्पताल चला रहे हैं। लूट का शिकार कोई पीड़ित शिकायत करता है, तो विभाग और पुलिस खुल कर लुटेरे कथित डॉक्टर के साथ खड़े हो जाते हैं।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कथित डॉक्टरों द्वारा डाली जा रही डकैती पर शिकंजा कसने में विभाग भले ही असमर्थ हो, पर मुख्यालय के भी हालात खराब हैं, यहाँ भी कथित डॉक्टर खुलेआम क्लीनिक व अस्पताल खोले बैठे हैं और गरीबों को लूट रहे हैं, यह कथित डॉक्टर विभागीय अफसरों को प्रति माह निश्चित रुपया देते हैं, जिससे विभागीय अफसर उधर देखते भी नहीं। ताजा प्रकरण नाहर खां सराय नई बस्ती का है, यहाँ अर्जुन प्रजापति नाम का कथित डॉक्टर लंबे समय से गरीब जनता को लूट रहा है। मोहल्ला नई बस्ती के ही निवासी श्याम बाबू ने शिकायत की, तो उनकी शिकायतों पर शुरुआत में किसी ने ध्यान तक नहीं दिया।

श्याम बाबू कथित डॉक्टर अर्जुन के विरुद्ध विभिन्न अफसरों से शिकायतें करते रहे, तो जांच हुई। जाँच में अर्जुन और उसका क्लीनिक अवैध साबित हुए, पर जांच रिपोर्ट दबा दी गई। श्याम बाबू जुटे रहे, तो सदर कोतवाली में कथित डॉक्टर अर्जुन के विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या- 329/17 दर्ज हुआ, साथ ही बरेली मंडल के अपर निदेशक सीएमओ को अवैध क्लीनिक बंद कराने का आदेश दे चुके हैं, लेकिन कथित डॉक्टर के विरुद्ध न पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है और न ही सीएमओ। पीड़ित श्याम बाबू का आरोप है कि सीएमओ और पुलिस कथित डॉक्टर से मिले हुए हैं और उल्टा उसे फंसाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। पीड़ित अब शीघ्र ही मुख्यमंत्री की शरण में जाकर सीएमओ और पुलिस की शिकायत करेगा।

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