हिन्दुस्तान अखबार के नाम पर एक वर्ष से हो रही है धोखाधड़ी

सर्कुलेशन के नाम पर उपभोक्ताओं की दी रही रसीद की छायाप्रति।
सर्कुलेशन के नाम पर उपभोक्ताओं की दी रही रसीद की छायाप्रति।

बदायूं जिले में हिन्दुस्तान अखबार के नाम पर की गई धोखाधड़ी के और भी कई मामले में प्रकाश आ रहे हैं। सर्कुलेशन और विज्ञापन के नाम पर लाखों रूपये ठग लिए गये हैं। हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े अधिकारियों को वारदातों की जानकारी है, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे हिन्दुस्तान अखबार के ही कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।

बताया जा रहा है कि हिन्दुस्तान अखबार के नाम पर ठगी की वारदातें पिछले एक वर्ष से हो रही हैं। सर्व प्रथम दातागंज क्षेत्र में विज्ञापन के फर्जी बिल से अधिक रूपये वसूलने का मामला प्रकाश में आया था, इसके बाद सिलहरी क्षेत्र में कई घटनायें हुईं, जिन पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ठगों का दुस्साहस बढ़ता चला गया, जिससे वजीरगंज क्षेत्र में बड़े घोटाले को अंजाम दे दिया गया।

बताया जाता है कि 26 जनवरी से पहले हिन्दुस्तान अखबार के द्वारा विज्ञापन के लिए ऑफर दिया गया गया, जिसके अंतर्गत दो हजार रूपये का एक कूपन बेचा गया था। बताया जाता है कि वजीरगंज ब्लॉक की पचास ग्राम पंचायतों के विज्ञापन पच्चीस कूपनों के द्वारा प्रकाशित कर दिए गये और प्रत्येक ग्राम प्रधान से दो हजार रूपये वसूलने का प्रयास किया गया। क्षेत्र के प्रधानों व सचिवों ने विरोध जताया, तो विकास विभाग के जिला स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय अफसरों से दबाव बनवा कर रूपये वसूल लिए गये, इस प्रकरण की जानकारी हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े अफसरों को भी है, लेकिन मिलीभगत के चलते किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अब सर्कुलेशन के नाम पर हुए घपले प्रकाश में आ रहे हैं। शहर में कई लोगों के बैंक खातों से 45000 और 85000 हजार रूपये की धनराशि आहरित कर ली गई है। सभी घटनायें हिन्दुस्तान अखबार के अफसरों के संज्ञान में हैं, लेकिन इस प्रकरण में भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे हिन्दुस्तान से जुड़े लोगों की भूमिका पर ही सवाल उठने लगे हैं। कुछ पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर दे दी है, पर पुलिस हिन्दुस्तान अखबार से जुड़े मामले होने के कारण मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। यहाँ यह भी बता दें कि पिछले एक वर्ष में नगर पालिकाओं और राजनेताओं के विज्ञापन छापने में भी बड़ा घपला हुआ है, जिसका खुलासा हिन्दुस्तान अखबार की उच्च स्तरीय टीम स्थलीय सत्यापन कर के ही खोल सकती है, क्योंकि स्थानीय लोग घपले में संलिप्त बताये जा रहे हैं।

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