शहीदों को श्रृद्धांजलि देने का दिन है स्वतन्त्रता दिवस

उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश की आजादी की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं, इस मौके पर कहा कि यह अवसर स्वाधीनता संग्राम सेनानियों और महान राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मौके पर हम सभी को चिन्तन करना चाहिये कि जिन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए हमने आजादी हासिल की थी, उन्हें पाने की दिशा में हम कितना आगे बढ़े हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां विधान भवन में ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नमन करते हुए कहा कि गांधी जी ने अहिंसा और सत्य के रास्ते पर चलकर देशवासियों को नेतृत्व प्रदान कर आजादी का बिगुल फूंका, जिसके फलस्वरूप भारत विदेशी शासन से मुक्त हुआ। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में प्रदेश ने देश का नेतृत्व किया था, इसलिए राज्य की जनता के लिए यह विशेष महत्व का अवसर है। सन् 1857 में आजादी की पहली लड़ाई उत्तर प्रदेश से ही प्रारम्भ हुई थी, जिसमें अनगिनत देशभक्तों ने कठिन यातनायें सहीं और अपना सब कुछ बलिदान कर दिया।
यादव ने कहा कि आजादी के बाद देश ने विभिन्न क्षेत्रों में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं और समूचे विश्व में अनेक भारतीयों ने देश का नाम रोशन किया है, किन्तु आज भी तमाम ऐसे लक्ष्य हैं, जिन्हें पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सका है। उत्तर प्रदेश, जो कभी विकास में देश का अग्रणी प्रदेश हुआ करता था, मानव संसाधन की दृष्टिकोण से देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसके बावजूद पिछले चार-पांच वर्षों से उत्तर प्रदेश तरक्की की दौड़ में काफी पीछे छूट गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश में भय एवं अविश्वास के वातावरण को समाप्त कर राज्य में लोकतंत्र बहाल करने और आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए सतत् प्रयास कर रही है। प्रदेश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाने के लिए राज्य सरकार ने हर स्तर पर बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है।
यादव ने जनता को यह विश्वास भी दिलाया कि जिन उम्मीदों के साथ उसने उनकी पार्टी को सत्ता सौंपी है, उस पर खरा उतरने के लिए राज्य सरकार कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि उनके लिए सत्ता एक माध्यम है, प्रदेश को विकसित और खुशहाल बनाने का। समाजवाद के माध्यम से गैरबराबरी को समाप्त कर तथा सभी वर्गों को आपसी भाईचारे के सूत्र में पिरोकर हम तमाम चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले शहीदों के त्याग को याद रखना होगा। इन महापुरुषों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद दर 6.2 प्रतिशत है, जिसे 12वीं पंचवर्षीय योजना में 10 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए 02 लाख 110 करोड़ 61 लाख रुपये का बजट पारित कराया, जो अब तक का सबसे बड़े आकार का बजट है। यह धनराशि पिछले बजट से 18 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के तेजी से विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा नई कृषि नीति, समग्र चीनी नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति तथा रिन्यूएबिल ऊर्जा नीति तैयार की जा रही है। इसके अलावा नई औद्योगिक नीति, उच्च शिक्षा नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति तथा आवास एवं पुनर्वास नीति भी तैयार कर लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था होने के कारण कृषि क्षेत्र का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 5 हजार 432 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा कृषि उपजों के भण्डारण क्षमता में वृद्धि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गन्ना, रबी एवं खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त उर्वरक एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराने तथा सिंचाई की नई परियोजनाओं के साथ-साथ वर्षों से लम्बित सिंचाई की निर्माणाधीन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के आर्थिक संसाधन सीमित हैं। इसलिए सरकार ने अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए निजी क्षेत्र की मदद लेने का फैसला लिया है। सरकार कई परियोजनाओं का कार्य पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर शुरू करा चुकी है। उन्होंने कहा कि कि गति दोगुनी करने से आर्थिक विकास तीन गुना हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए आगरा-लखनऊ के बीच उच्च स्तरीय एक्सप्रेस-वे तथा गाजियाबाद में नॉर्दन पेरीफेरल रोड पीपीपी के तहत बनाई जायेगी। इसके साथ ही समस्त जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों से जोड़ने का निर्णय भी लिया गया है।
यादव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास में बिजली के महत्व को अच्छी तरह से समझती है। इसीलिए उनकी सरकार बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए शुरू से गम्भीर है। विद्युत उत्पादन में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जायेगा। प्रदेश सरकार नगरों के विकास एवं यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए भी संजीदगी से कार्य कर रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने इस वर्ष सड़कों और पुलों के निर्माण की नई योजनाओं के लिए लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। 12वीं पास छात्राओं के लिए कन्या विद्या धन योजना चलाने का निर्णय लिया गया है। सभी वर्गें की लड़कियों की मुत चिकित्सा एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई का फैसला भी प्रदेश सरकार ने लिया है। सरकार 10वीं पास छात्रों-छात्राओं को टैबलेट कम्प्यूटर और 12वीं पास विद्यार्थियों को लैपटॉप निःशुल्क वितरण का कार्य शीघ्र शुरू करने जा रही है। इसी प्रकार, बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिये जाने के लिए 1100 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
यादव ने कहा कि सरकार ने गरीब परिवारों की महिलाओं को दो-दो साड़ी तथा वृद्धजनों को एक-एक कम्बल दिये जाने के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। ऐसे गरीब, जो गरीबी रेखा के नीचे की सूची में नहीं हैं, उनके लिए रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना शुरू की गई है। इसके तहत 400 रुपये प्रति माह प्रति लाभार्थी को दिये जायेंगे। प्रदेश के रिक्शा चालकों की आजीविका को आसान बनाने के लिए उन्हें अत्याधुनिक रिक्शे दिये जायेंगे। हमारी सरकार जमीन गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले किसानों का 50 हजार रूपये तक का कर्ज माफ करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है। केन्द्र सरकार को रायबरेली में एम्स की स्थापना हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की आवश्यकता और आबादी को देखते हुए केन्द्र सरकार से पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड तथा रूहेलखण्ड क्षेत्रों में भी एम्स खोलने का अनुरोध किया है। इसके अलावा हृदय रोग तथा गुर्दा रोग जैसी गम्भीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए प्रदेश के समस्त राजकीय मेडिकल कालेज, चिकित्सा संस्थानों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है।
यादव ने कहा कि ग्रामीण इलाकों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके मद्देनजर पिछड़े राजस्व ग्रामों के चहुँमुखी विकास के लिए डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना तथा लोहिया ग्रामीण आवास योजना प्रारम्भ की र्गइं हैं। इसके अलावा जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना संचालित करने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार अल्पसंख्यकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए बजट में 2 हजार 74 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। प्रदेश के बुनकरों को राहत प्रदान करने के लिए उनके पावर लूम की बिजली के बकाया बिलों के एकमुश्त भुगतान के लिए सरकार ने 127 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़े वर्ग के समग्र विकास के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं के लिए इस वर्ष लगभग एक हजार 620 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक है अमन-चैन का वातावरण और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था। इसके लिए प्रदेश पुलिस बल को आधुनिक बनाना आवश्यक है, जिसके लिए सरकार ने इस वर्ष पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है।

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