26/11 के आतंकी हमले की नींव रखने वाले हेडली को सज़ा

26/11 के आतंकी हमले की नींव रखने वाले हेडली को सज़ा
26/11 के आतंकी हमले की नींव रखने वाले हेडली को सज़ा

26/11 के हमले के गुनहगार डेविड कोलमेन हेडली को अमेरिकी अदालत ने 35 साल की सजा सुनाई है। हेडली को अक्टूबर, 2009 में शिकागो एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया।

अमेरिका स्थित शिकागो की एक अदालत ने 26 नवंबर, 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमले के आरोप में डेविड कोलमैन हेडली को 35 साल की सज़ा सुनाई। डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी (52) पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक है। इसके पिता सईद सलीम गिलानी पाकिस्तानी दूतावास में राजनायिक थे और इसकी मां सेरिल अमेरिकी नागरिक थी। हेडली की शुरूआती पढ़ाई पाकिस्तान के मिलिट्री स्कूल में हुई और वहीँ  हेडली की तहव्वुर हुसैन राणा से दोस्ती हो गई। बाद में इसके माता-पिता का तलाक हो गया तो हेडली अपनी माँ के साथ अमेरिका आ गया। 

हेडली का सौतेला भाई दानयाल गिलानी भी राजनयिक है और वर्तमान में बीजिंग में तैनात है। हेडली वर्ष 1987 में ड्रग्स सप्लाई को लेकर अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की नज़र में आ गया था पाकिस्तान से इसकी कई बार गिरफ्तारी की जा चुकी है लेकिन शातिर दिमाग हेडली को अमेरिकी ड्रग इंफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन का जासूस बनाकर पाकिस्तानी रैकेट की जानकारी लेने के लिए पाकिस्तान भेजा गया और इसी बीच लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआई के संपर्क में आ गया। हेडली को लश्कर के ट्रेनिंग कैम्प में विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके बाद इसे भारत भेजा गया और इसी ने मुंबई के 26/11 के हमले की पूरी रूपरेखा तैयार की जिसमें 166 लोग मारे गए थे।

हेडली के प्रत्यार्पण के लिए भारत लगातार प्रयास कर रहा था लेकिन अमेरिकी अदालत ने हेडली को सौंपने से इनकार कर दिया। आज इसी मामले में अदालत ने उसे पैंतीस वर्ष की सज़ा सुनाई है।

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