हड़ताल और हिंसा में हजारों करोड़ का नुकसान

– हरियाणा में एक कर्मचारी की मौत, नोयडा में भारी बवाल 

हड़ताल के चलते शांत बदायूं का मुख्य डाकघर
हड़ताल के चलते शांत बदायूं का मुख्य डाकघर

देशभर में श्रमिक संगठनों की हड़ताल से जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा, वहीं कई जगह आन्दोलन के हिंसक होने से हालात और भी खराब हो गये। हरियाणा में एक कर्मचारी की मौत हो गई एवं नोयडा में हिंसा के चलते करोड़ों का नुकसान हुआ है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

हरियाणा के अंबाला में तड़के बसों को रोकने का प्रयास करते समय एक कर्मचारी नेता ड्राइवर नरेंद्र सिंह चढ्डा (55) बस की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित कर्मियों ने हंगामा करते हुए जमकर तोड़फोड़ की। बवाली कर्मचारियों ने पुलिस उपायुक्त अंबाला शहर तथा बलदेव नगर थाना प्रभारी के वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात तनावपूर्ण हो गये, जिससे आम आदमी घरों में ही कैद रहे, इसी तरह हिंसक आन्दोलन के चलते नोयडा में लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। नोएडा के फेज-टू में होजरी कांप्लेक्स की अधिकांश फैक्ट्रियों में काम चल रहा था। सुबह लगभग नौ बजे बंद समर्थक कर्मियों ने फैक्ट्रियों को बंद कराना शुरू कर दिया। फैक्ट्रियों के गेट के सामने जमा भीड़ अचानक अनियंत्रित हो गई और फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। लगभग आधा दर्जन फैक्ट्रियों में आगजनी की घटनाएँ भी हुई हैं। इस दौरान हिंसक कर्मियों की पुलिस से कई बार झड़प भी हुईं। इसके बाद भारी संख्या में पीएसी और पुलिस बल बुलाया गया, तब स्थिति पर नियन्त्रण पाया जा सका। लगातार हुई मारपीट व हिंसा में पुलिस सहित आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। फेज-दो के अलावा, नोएडा के ही सेक्टर 63, 57, 58, 59, 64, 65 व 67 में भी फैक्ट्रियों पर जमकर पथराव किया गया। डीएम एमकेएस सुंदरम् ने मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं एवं पुलिस ने 32 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अरुण कुमार और गृह सचिव राकेश कुमार ने एनेक्सी के मीडिया सेंटर में पत्रकारों को बताया कि नोयडा में हुई क्षति की भरपाई आंदोलनकारी नेताओं से ही की जाएगी। उन्होंने बताया आंदोलन के दौरान फैक्ट्रियों को लूटा भी गया, साथ ही पुलिस ने काफी सामान बरामद भी कर लिया है। उन्होंने बताया कि आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व भी घुस आये थे, जिसके चलते स्थिति ज्यादा खराब हुई। उन्होंने बताया कि चार कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है और दो कंपनी पीएसी तथा एक कंपनी आरएएफ भी भेजी जा रही है।

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