स्वप्न देखना ही है तो बड़ा देखिये: अखिलेश

– इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में मेधावी छात्र सम्मान समारोह सम्पन्न
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जिन्दगी में तरक्की करने एवं ऊंचाई पर पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र के कथन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि स्वप्न देखना ही है, तो बड़ा देखिए और इसके लिए संकल्पबद्ध होकर संघर्ष करिए, तभी सफलता मिलेगी।

मुख्यमंत्री आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। एक हिंदी दैनिक, गलगोटिया विश्वविद्यालय तथा बापइन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जनपदों से आए कक्षा 12 एवं 10 के उप्र बोर्ड इलाहाबाद की मेरिट में आने वाले छात्र भाग ले रहे थे। उन्होंने कहा कि नौजवान समाज और व्यवस्था को बदलने का सपना देखते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले उन्हें अपने आप को बदलना पड़ेगा।
श्री यादव ने कहा कि परिश्रम और ईमानदारी के बल पर ही महान बना जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। दुनिया के सभी महापुरुषों का बचपन सामान्य ही था। लेकिन समझदार होने के बाद उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और संवेदनशीलता की बदौलत दुनिया में प्रसिद्धि प्राप्त की। उत्तर प्रदेश बोर्ड इलाहाबाद की कक्षा 12 एवं 10वीं परीक्षा में प्रदेश के सभी जनपदों से टाप करने वाले प्रथम तीन छात्रों को उनकी सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए उन्होंने आयोजकों के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय भारत में युवाओं की संख्या अधिक है। लेकिन जल्दी ही वह समय भी आएगा, जब हमारे देश में वृद्ध भी अधिक संख्या में होंगे। उन्होंने आगे आने वाली पीढ़ी के हित में पर्यावरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास पर चिंतन करने का आग्रह करते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों ने बहुत कम समय में तेजी से तरक्की की है, क्योंकि उन्होंने अपनी रणनीति काफी सोच-समझकर बनाई। देश के शिक्षा प्रतिष्ठानों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षा प्रतिष्ठान विश्व के अच्छे शिक्षण संस्थाओं की सूची में शामिल नहीं है। इसको दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि भाषाई रूप से अलग-अलग देश होते हुए भी यूरोपियन यूनियन के सभी देश तेजी से एक होते जा रहे हैं, लेकिन हमारे देश में पर्याप्त प्राकृतिक एवं मानव संसाधन होते हुए भी हम देश की सीमाओं की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं।

सम्मानित छात्र-छात्राओं के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
सम्मानित छात्र-छात्राओं के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
श्री यादव ने राज्य सरकार द्वारा 12वीं पास छात्रों को निःशुल्क लैपटाप वितरण योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इससे तकनीक एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के नौजवानों को जानकारी प्राप्त करने में सहूलियत होगी। राज्य सरकार की इस योजना का विभिन्न दलों द्वारा की जा रही आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब स्टीम इंजन का अविष्कार किया गया था, तो इसकी विभिन्न मुद्दों पर आलोचना करते हुए कहा जाता था कि इंजन सफल नहीं होगा। लेकिन आज यह सफलता सभी के सामने है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश की नींव होते हैं। इसलिए इनकी प्रतिभा को निखारने और इन्हें परिश्रम से काम करने का मौका एवं वातावरण मिलना चाहिए, जिससे कि देश एवं समाज और अधिक विकसित हो सके।
इस मौके पर मेधावी छात्रों को सम्बोधित करते हुए प्रो. यशपाल ने कहा कि महात्मा गांधी, रवीन्द्रनाथ टैगोर एवं आइंस्टीन अपने प्रारम्भिक शिक्षा के दिनों में अच्छे विद्यार्थी नहीं थे। इससे साफ जाहिर होता है कि आगे बढ़ने के लिए कक्षा में अच्छे प्रदर्शन के अलावा और भी कई गुणों की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने वर्तमान शिक्षण व्यवस्था को नाकाफी बताते हुए इसमें और सुधार पर बल दिया ताकि छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान कुछ नया करने के लिए प्रोत्साहित हों।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लैपटाप वितरण से अगले कुछ सालों में काफी परिवर्तन दिखाई देगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि 2-3 वर्षों में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। इस अवसर पर मंत्रिमण्डल के सदस्य राजेन्द्र चैधरी, शाहिद मंजूर, अरविन्द कुमार सिंह गोप, मनोज कुमार पाण्डेय, योगेश प्रताप सिंह तथा विजय बहादुर पाल के अतिरिक्त प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए अभिभावक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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